रेल बजट : सभी पर बरसी ममता की 'ममता' (लीड-4)
अपने कार्यकाल का दूसरा बजट पेश करते हुए ममता ने रेलवे के निजीकरण से इंकार किया और कहा कि कुछ गेज परिवर्तन की परियोजनाओं में निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) की जाएगी। उन्होंने नए व्यापारिक मॉडल का वादा किया जिसमें निजीकरण किए बगैर सामाजिक प्रतिबद्धता वाले निजी निवेश को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
उन्होंने 28 नई पैसेंजर रेलगाड़ियों को शुरू करने ,12 रेलगाड़ियों के फेरों की संख्या में वृद्धि तथा 21 रेलगाड़ियों को और आगे बढ़ाने की घोषणा भी की।
उन्होंने कैंसर के मरीजों को तृतीय वातानुकूलित श्रेणी (एसी-3) में निशुल्क यात्रा की सुविधा मुहैया करवाने, महिला यात्रियों की सुरक्षा में वृद्धि और विस्थापित कामगारों के लिए कर्मभूमि रेलगाड़ियां चलाने की घोषणा की।
ममता ने उर्वरक और किरोसिन के ढुलाई किराये में प्रति वैगन 100 रुपये की कटौती कर किसानों और गरीबों को भी राहत देने की कोशिश की है।
लोकसभा में बनर्जी ने कहा, "हमारा लक्ष्य समग्र विकास है।" बनर्जी ने कहा कि इस बजट में उन्होंने परियोजनाओं की महज वाणिज्यिक व्यवहारिकता की जगह सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दिया है।
उन्होंने दिसंबर में पेश किए गए दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा, "हमने 'विजन 2020' दस्तावेज में अपने लक्ष्य निर्धारित किए हैं और हम उन्हें हासिल करके रहेंगे।"
उन्होंने कहा, "प्रशासनिक और प्रक्रियागत विलंब निवेशकों को हतोत्साहित करते हैं। हमें इस पर काबू पाने की जरूरत है। मैं इसके लिए विशेष कार्यबल का गठन कर रही हूं।
उन्होंने कहा, "नए व्यापारिक मॉडल के लिए विशेष ढांचा तैयार किया जाएगा। लेकिन हम रेलवे का निजीकरण नहीं करेंगे। भारतीय रेलवे हमेशा सरकार के साथ रहेगी।"
साथ ही उन्होंने निजी क्षेत्र से भारतीय रेलवे के साथ काम करते समय नकरात्मक रुख से दूर रहने को कहा। उन्होंने कहा, "मुझे दुख के साथ कहना पड़ता है कि इस नजरिए को बदलना होगा।"
बनर्जी ने कहा कि उनके पिछले रेल बजट में जिन 120 नई रेलगाड़ियां चलाने का वादा किया गया था उनमें से 117 आगामी 31 मार्च तक चालू हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि यह कार्य महज सात महीनों में ही कर लिया गया है जो सराहनीय है।
सुरक्षा का जिक्र करते हुए बनर्जी ने कहा कि अतीत में कुछ दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय प्रौद्योगिकी और कर्मियों को प्रशिक्षण देकर ऐसी घटनाएं रोकी जा सकती हैं।
मानवरहित रेलवे क्रांसिंग्स पर होने वाले हादसों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "पांच वर्ष में हम 13,000 मानवरहित क्रासिंग्स में से 3000 पर चालू वित्त वर्ष में 1000 पर अगले वित्त वर्ष में सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे।"
बनर्जी के बजट भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी, विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज और केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब भी सदन में मौजूद थे।
बनर्जी चौथी बार रेल बजट पेश कर रही हैं। संप्रग सरकार में यह उनका दूसरा रेल बजट है। भारतीय रेल 64,099 कि लोमीटर के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। कुल 6,906 रेलवे स्टेशनों से करीब 7000 रेलगाड़ियां 1.89 करोड़ लोगों को उनकी मंजिल तक पहुंचाती हैं। कुल 4000 मालगाड़ियां 85 करोड़ टन माल की ढुलाई करती हैं।
वित्त वर्ष 2010-2011 के रेल बजट के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं :
-कुछ गेज परिवर्तन परियोजनाओं में लागत के बंटवारे में निजी सार्वजनिक भागीदारी
-दूसरे राज्यों में जाकर काम करने वाले कामगारों के लिए 'कर्मभूमि' रेलगाड़ियां चलाई जाएंगी
-अहमदाबाद और उधमपुर के बीच नई 'जन्मभूमि' रेलगाड़ियां चलेगी
-रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती मनाने के लिए 'भारत तीर्थ' विशेष रेलगाड़ी पूरे देश में चलाई जाएगी
-सिक्किम की राजधानी गंगटोक को रेलमार्ग द्वारा रंगपो से जोड़ा जाएगा
-हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से जम्मू एवं कश्मीर के लेह तक रेल मार्ग का विस्तार किया जाएगा
-अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के डिगलीपुर को रेलमार्ग द्वारा पोर्ट ब्लेयर से जोड़ा जाएगा
- वर्ष 2011 में रवींद्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती पर पश्चिम बंगाल से विशेष रेलगाड़ी बांग्लादेश जाएगी
- 4,411 करोड़ रुपये के आवंटन से वर्ष 2010-11 में विस्तार पर जोर
-छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने से रेलवे पर पड़ा 55,000 करोड़ रुपये का बोझ
-वर्ष 2009-10 में सकल आय 88,281 करोड़ रुपये रही
-वर्ष 2009-10 में क्रियान्वयन खर्च 83,440 करोड़ रुपये रहा
- वर्ष 2010-11 के दौरान 87,100 करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान
- कश्मीर रेल लिंक को सोपोर तक बढ़ाया जाएगा
- वर्ष 2009-10 में शुद्ध मुनाफा 1328 करोड़ रुपये रहने का अनुमान
- 10 अधीनस्थ ऑटोमोबाइल केंद्रों की स्थापना होगी
- ऊर्जा बचाने वाली 2.2 करोड़ सीएफएल लाइट्स वितरित की गईं
-रेलवे की परियोजनाओं के लिए जमीन लिए जाने वाले परिवार के एक सदस्य को नौकरी देना का नीतिगत फैसला
- उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम माल ढुलाई गलियारे का निर्माण किया जाएगा
- अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त अधिक अस्पताल खोल जाएंगे
-80,000 महिला कर्मचारियों के बच्चों के लिए शिक्षा सुविधाओं का विकास किया जाएगा
-गैंगमेन के लिए विशेष सुविधाओं की स्थापना की जाएगी
-रेलवे की कारपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत लाइसेंसधारी कूलियों के लिए बीमा की सुविधा
-भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और रक्षा शोध और विकास संगठन के साथ मिलकर रेलवे शोध केंद्र की स्थापना की जाएगी
-नीतियों के निर्माण में कर्मचारी संगठनों को शामिल किया जाएगा
- चेन्नई स्थिति एकीकृत डिब्बा कारखाना को आधुनिक बनाया जाएगा
- मुंबई में नया डिब्बा मरम्मत केंद्र की स्थापना
-बेंगलुरू में पहियों के डिजाइन, विकास और परीक्षण केंद्र की स्थापना
- महिला यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी
- पांच साल के भीतर सभी मानवरहित रेलवे क्रासिंग को मानव युक्त कर दिया जाएगा
- सड़क ओवरब्रिज के अलावा और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा
- रेलवे सुरक्षा बल में पूर्व सैनिकों की होगी भर्ती
- पांच खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी, हॉकी के विकास के लिए एस्ट्रोटर्फ मुहैया करवाई जाएगी और खिलाड़ियों की नौकरी की व्यवस्था की जाएगी
- राष्ट्रमंडल खेलों में रेलवे मुख्य भागीदार होगा
-यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए विशेष प्रस्ताव
-94 स्टेशनों को उन्नत बनाया जाएगा
- निजी-सार्वजनिक भागीदारी के तहत छह नए पेय जल संयंत्र लगाए जाएंगे
- रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक शौचालय बनाए जाएंगे
-लोगों की सहूलियत के लिए और टिकट खिड़की खोली जाएंगी
- आधुनिक सुरक्षा प्रौद्योगिकी पर जोर
-1000 किलोमीटर रेल पटरियों का निर्माण
-नए व्यापारिक मॉडल बनाए जाएंगे
- निजीकरण नहीं, रेलवे सरकार की है लेकिन व्यापारिक समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी
-चालू वित्त वर्ष की 120 में 117 रेलगाड़ियां शुरू हो चुकी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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