अपहर्ताओं को चकमा देकर भाग आयी छात्रा
यह घटना शहर के मॉल एवेन्यू इलाके की है जहां पर मुख्यमंत्री मायावती सहित राज्य सरकार के कई मंत्रियों के बंगले हैं, वहीं से कुछ ही दूरी पर स्थित आवास विकास कॉलोनी में व्यवसाई जुनैद अहमद खान के घर से अपहर्ताओं ने उनकी बेटी अना का अपहरण कर लिया।
कूरियर वाला बनकर आया अपहर्ता
अना राजधानी के प्रतिष्ठति मिशनरी स्कूल लॉरेटो कॉन्वेंट में कक्षा 10 की छात्रा है। पुलिस के मुताबिक दूसरी मंजिल पर रहने वाले जुनैद के घर के दरवाजे पर अपहर्ता ने शाम को घंटी बजाई। दरवाजा खोलने आई बड़ी बेटी अना ने जब उससे पहचान पूछी तो उसने खुद को कुरियर वाला बताया। जब चार-पांच मिनट तक अना अंदर नहीं पहुंची तो छोटी बहन उसे देखने दरवाजे पर आई। तभी उसने खिड़की से नीचे देखा कि दो अपहर्ता अना को कार में उठाकर लेकर जा रहे हैं। घरवालों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। हालांकि घर के बाहर एक पत्र भी मिला, जिसमें पुलिस को सूचित न करने के लिए खबरदार किया गया था।
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अपहर्ताओं के चंगुल में आने के बाद भी अना ने अपनी सूझबूझ नहीं खोई, जबकि कार में बिठाने के तुरंत बाद उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी गई थी। अपहर्ता उसे स्कॉर्पियो कार में बिठाकर कहां ले गए, उसे कुछ नहीं पता, लेकिन जब उसने किसी तरह आंखों की पट्टी हटाई, तो देखा कि कार निशातगंज में खड़ी है और अपहर्ता कुछ सामान लेने उतरे हैं। उसने धीरे से बायीं तरफ का कार का दरवाजा खोला और चकमा देकर भाग निकली।
डरी सहमी घर पहुंची अना
डरी सहमी अना ने कुछ दूर पहुंच कर एक व्यक्ति से मोबाइल फोन मांगा और अपने घर पर फोन किया। अना का जब देर शाम फोन आया, कि वो निशातगंज फ्लाइओवर के पास खड़ी है। परिवार के सदस्य तुरंत वहां पहुंचे और उसे घर ले आये। बाद में जब पुलिस घर पर पहुंची तो पूरी घटना की जानकारी अना ने पुलिस को दी।
लखनऊ के पुलिस प्रमुख राजीव कृष्णा ने बताया कि फिलहाल अना बहुत डरी हुई है, लिहाजा अपहर्ताओं के बारे में कुछ नहीं बता पा रही है। हालांकि प्रथम दृष्ट्या यह पुरानी रंजिश का मामला प्रतीत हो रहा है। फिलहाल अभी तक अपहर्ताओं का सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।













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