भारत-ईयू के बीच 2010 तक समझौता चाहता है ब्रिटेन
लंदन, 23 फरवरी (आईएएनएस)। कई व्यापारिक मुद्दों पर गतिरोध के कारण भारत और 27 सदस्यीय यूरोपिय संघ (ईयू) के बीच रुके हुए मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र पूरा करने का प्रयास करते हुए ब्रिटेन ने कहा है कि इससे दोनों पक्षों के रोजगार और व्यापार में वृद्धि होगी।
यूरोपीय देशों की सीमाएं भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए खोलने और इसके बदले में यूरोप के कानून पेशेवरों को भारत में काम करने की अनुमति देने जैसे मामलों पर अभी तक कोई फैसला नहीं हो पाया है।
ब्रिटेन के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री गैरेथ थॉमस ने सोमवार को ब्रसेल्स में एक बैठक में कहा कि यूरोप और भारत को वर्ष 2007 में शुरू चर्चा को और अधिक आगे नहीं खींचना चाहिए और वर्ष 2010 तक इस पर कोई फैसला करने का प्रयास करना चाहिए।
इससे कुछ सप्ताह पहले ही ब्रिटेन के व्यापार मंत्री पीटर मेंडलसन ने लंदन में भारतीय वााणिज्य मंत्री आनंद शर्मा से कहा कि ईयू-भारत मुक्त व्यापार समझौते के लिए भारत को तेजी से कदम उठाने चाहिए।
थॉमस ने कहा, "दोनों पक्षों की वार्ता में काफी सुस्त प्रगति हो रही है और मैं दोनों पक्षों से वर्ष 2010 तक कोई फैसला करने के लिए सभी प्रयास करने का आग्रह करता हूं।"
जहां यूरोपीय देशों के पेशेवरों को यूरोप के सभी देशों में मुक्त आवाजाही की सुविधा है वहीं भारतीय पेशेवरों के लिए यह अभी भी बंद है।
ये सभी मुद्दे विश्व व्यापार संगठन की दोहा दौर की वार्ता में भी उठे थे लेकिन पिछले वर्ष दोहा दौर की वार्ता के विफल हो जाने के बाद थॉमस को एक विकल्प के रूप में यूरोपीय मुक्त व्यापार समझौते को आगे करना पड़ा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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