अर्ध अतिविशिष्ट चिताओं के पीछे के कारण बताए डीडीए : सीआईसी
सीआईसी ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून के कार्यकर्ता सुभाष चंद्र अग्रवाल की एक याचिका पर यह सवाल खड़े किया है।
सूचना आयुक्त शैलेश गांधी ने अपने आदेश में कहा है, "डीडीए के जन सूचना अधिकारी (पीआईओ) को निर्देश दिया गया है कि उन्हें 25 मार्च, 2010 तक अपीलेट के समक्ष पूरी जानकारी उपलब्ध करा देनी चाहिए।"
अग्रवाल ने अतिविशिष्ट और अर्ध अतिविशिष्ट चिताओं पर अंतिम संस्कार करने के मानदंडों के बारे में भी जानकारी मांगी है। अग्रवाल यह जानना चाहते हैं कि इन चिताओं पर अंतिम संस्कार के हकदार कौन लोग होंगे।
अग्रवाल ने कहा, "यह अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण है कि दिल्ली नगर निगम और डीडीए लोगों के स्तर के आधार पर उनके बीच भेद करने वाले पक्ष बन गए हैं। इन प्राधिकारणों ने अन्य सामान्य चिताओं के अलावा तीन अर्ध अतिविशिष्ट चिताओं का निर्माण किया है और इन चिताओं को लोहे की रेलिंग्स से घेर दिया है। संबंधित अधिकारियों को चाहिए कि वे लोहे की इन रेलिंग्स को तत्काल हटवाकर सामान्य व अर्ध अतिविशिष्ट चिताओं में भेद को समाप्त कर दें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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