भाजपा की मजबूती के लिए गडकरी का दलित एजेंडे पर जोर
इंदौर, 17 फरवरी (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष नितिन गडकरी ने बुधवार को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों की बैठक में पार्टी की कार्यसूची में दलितों के कल्याण से जुड़े मामलों को शामिल करके भाजपा की राजनीतिक रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत दिया।
भाजपा के शीर्ष नेताओं की उपस्थिति में अपने पहले अध्यक्षीय भाषण में गडकरी ने कहा, "दलितों का मुद्दा हमारी राजनीतिक प्रतिबद्धता का हिस्सा है।"
सम्मेलन में उपस्थित कई पार्टी नेताओं का मानना है कि भाजपा अब अधिक समय तक शहरी मध्य वर्ग के मतदाताओं की पार्टी के ठप्पे से संतुष्ट नहीं रहेगी।
सम्मेलन में हिस्सा ले रहे एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा, "हमें अपने आधार का विस्तार करने की आवश्यकता है। दलित महत्वपूर्ण मतदाता हैं और उपेक्षित भी हैं। किसी भी राष्ट्रीय पार्टी ने उनके हितों को बड़े पैमाने पर और निरंतर ढंग से नहीं उठाया। आने वाले दिनों में हम ऐसा करने वाले हैं।"
उन्होंने कहा कि पार्टी छुआछूत के पूरी तरह खिलाफ है और उसका मानना है कि दलितों के मुद्दे चुनावी लाभ के लिए नहीं हैं।
दलितों को लुभाने के लिए गडकरी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों का उल्लेख करने से पहले डा.भीमराव अंबेडकर की तुलना मार्टिन लूथर किंग जूनियर से की। उन्होंने कहा कि दोनों ने दमन के शिकार लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि दलितों को सामाजिक न्याय दिलाने के लिए डा.अंबेडकर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गडकरी ने कहा कि देश में आतंकवाद से निपटने के लिए वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठने की आवश्यकता है। पाकिस्तान के साथ वार्ता की केंद्र सरकार की पेशकश की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, "यह वार्ता अमेरिका के दबाव में हो रही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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