बीपीएल परिवारों की पहचान के लिए नए मानदंड शीघ्र
देशभर में बीपीएल परिवारों की पहचान के लिए नए दिशानिर्देश तैयार करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने ख्यात अर्थशास्त्री सुरेश डी. तेंदुलकर की अध्यक्षता में विशेषज्ञों की समिति का गठन किया था।
नारायणस्वामी ने संवाददाताओं से कहा कि तेंदुलकर समिति एक माह पहले अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है और अब केंद्र व योजना आयोग रिपोर्ट और इसकी संस्तुतियों का निरीक्षण कर रहा है।
पिछले सत्ताह गुवाहाटी में एक क्षेत्रीय योजना संगठन, पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) की बैठक में केंद्र सरकार से बीपीएल परिवारों की पहचान के मानदंडों में सुधार करने की मांग की गई थी।
एनईसी बैठक के दौरान मेघालय के मुख्यमंत्री डी. डी. लपांग ने कहा कि योजना आयोग के अनुसार देश के बाकी हिस्सों की तुलना पूर्वोत्तर क्षेत्र में कम बीपीएल परिवार हैं।
योजना आयोग के ताजा अनुमान (2004-2005 के लिए) के मुताबिक, देश में कुल 37.2 फीसदी बीपीएल परिवार हैं और पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में यह आंकड़ा 27 फीसदी है।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने कहा कि सिर्फ पूर्वोत्तर ही नहीं देश के अन्य राज्य भी बीपीएल परिवारों की पहचान के मानदंडों में संशोधन की मांग कर चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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