अनुसंधानकर्ताओं ने तैयार किया पुरातात्विक 'टाइम मशीन' का डिजाइन
इस नए मापक से 50,000 साल पीछे के घटनाक्रमों की जानकारी मिलने में आसानी होगी। पुरातत्वविदों और भू-वैज्ञानिकों को उपकरण के इस्तेमाल से रेडियोकार्बन तिथि का पता कार्बन से जुड़े पदार्थो से मिल सकता है। इससे जलवायु परिवर्तन और मानव अनुकूलन के प्रभाव को जानने में भी मदद मिल सकती है।
उपकरण का नाम 'इंटकाल 09' रखा गया है। इससे केवल रेडियोकार्बन मापन के बारे में ही नहीं जा सकता है बल्कि पहले से मौजूद उपकरण में और सुधार किया जा सकता है।
शोधकर्ताओं को इस उपकरण को बनाने में 30 साल लग गए। 'इंटकाल' नाम के एक अंतर्राष्ट्रीय कार्यदल ने इस परियोजना पर 1980 के दशक में काम शुरू किया था। क्वींस विश्वविद्यालय के सेंटर फॅर क्लाइमेट चेंज, एंवायरमेंट एण्ड क्रॉनोलोजी के प्रोफेसर बेलफास्टस पौल रिमायर और गेरी मेककॉरमेक ने इस परियोजना को आगे बढ़ाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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