आंध्र प्रदेश के राज्यपाल ने शांति की अपील की (लीड-2)
सत्तारुढ़ कांग्रेस के विधायकों ने विधानसभा में 'जय तेलंगाना' के नारे लगाए।
उधर, तटीय आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र के तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के विधायकों ने एकीकृत आंध्र प्रदेश के पक्ष में नारेबाजी की। तेलंगाना क्षेत्र के तेदेपा विधायकों ने विधानसभा का बहिष्कार किया।
राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने और विकास के लिए नरसिम्हन ने विधायकों से अपील की। उन्होंने कहा, "गत चार महीनों से राज्य कठिन दौर से गुजर रहा है जिससे कानून व्यवस्था, विकास की गति और राज्य की छवि प्रभावित हुई।" उन्होंने कहा कि जनता के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने का दायित्व राज्य सरकार है।
नरसिम्हन ने महात्मा गांधी के आदर्शो को हवाला देते हुए कहा, "गांधीजी ने अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए संघर्ष किया था। "
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष एन.किरणकुमार रेड्डी ने पृथक तेलंगाना के समर्थन में इस्तीफा सौंपने वाले 15 विधायकों में से 12 का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। पृथक तेलंगाना मसले पर न्यायाधीश बी.एन.श्रीकृष्णा की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय समिति के कार्यक्षेत्र की घोषणा के खिलाफ रविवार को तेलंगाना क्षेत्र के 15 विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा था।
रेड्डी ने जिन विधायकों का इस्तीफा स्वीकार किया है, उसमें तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के सभी 10 और मुख्य विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) व भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक-एक सदस्य शामिल हैं।
रेड्डी ने सत्तारुढ़ कांग्रेस के दो और प्रजा राज्यम पार्टी (पीआरपी) के एक विधायक के इस्तीफे पर फैसला नहीं किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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