सोशल नेटवर्किंग के मैदान में 'बज़' ने बजाया बाजा

ऑनलाइन दुनिया में 'बज़' ने मंगलवार को कदम रखा। 'बज़' सीधे गूगल की ई-मेल सेवा यानी जीमेल से जुड़ी हुई है। जीमेल पर लॉग-इन करते ही आप 'बज' से जुड़ जाते हैं। गूगल ने बदलते वक्त और इंटरनेट उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को देखते हुए अपनी ईमेल सेवा जीमेल से बज को जोड़ा है।
गूगल अब जीमेल को सोशल नेटवर्किं ग साइट का रूप दे रही है। माना जा रहा है कि गूगल 'बज' के जरिए लोकप्रिय सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट फेसबुक को टक्कर देना चाहती है, जिसके इस समय लगभग चार करोड़ उपभोक्ता है।
ब्लॉग जगत में चर्चा में रहा बज़
हिंदी ब्लॉग जगत में भी 'बज़' को लेकर चर्चा हो रही है। 'गाहे-बगाहे' ब्लॉग पर टिप्पणी है, "अगर आप दो दिनों से जीमेल खोल रहे हैं तो देख पा रहे होंगे कि इनबॉक्स के ठीक नीचे छुटपन में खेले गए चार रंगों वाली एक गेंद आ रही होती है। इस पर क्लिक करते ही ये फटा हुआ गेंद हो जाता है, जिससे हवा नहीं शब्द और अभिव्यक्ति निकलते हैं। यह गेंद दरअसल फेसबुक और ट्विटर के अखाड़े में उतरकर चुनौती देने की तैयारी में हैं।"
तकनीक मामलों के विशेषज्ञ और ब्लॉगर रवि रतलामी ने 'गाहे-बगाहे' पर टिप्पणी की है, "बज़ को जुम्मा-जुम्मा दो दिन हुए हैं और इसमें 90 लाख पोस्टें-टिप्पणियां हो गईं। एक लाख 60 हजार पोस्टें-टिप्पणियां प्रति घंटे की दर से और ये लगातार बढ़ती ही जा रही हैं। बज में देखते रहिए, कयास है कि गेम, गीत, संगीत, वीडियो सब आने वाला है।"
उल्लेखनीय है कि गूगल ने पहली बार सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट के क्षेत्र में कदम नहीं रखा है। गूगल ने सबसे पहले ऑर्कुट लांच किया था, जो काफी लोकप्रिय साबित हुआ था। अब देखना है कि 'बज' को लोग कितना पसंद करते हैं और इससे गूगल को कितना फायदा होता है। 'बज़' के परियोजना निदेशक टॉड जैक्सन ने भी कहा है कि उन्हें इससे काफी उम्मीदें है क्योंकि वेबदुनिया में सोशल नेटवर्किं ग का विशेष महत्व है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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