भीलवाड़ा के लिए चम्बल का पानी लेकर विशेष रेल रवाना
इससे पहले खुद पेयजल संकट से गुजर रहे कोटा के लोगों ने चम्बल से अपने हिस्से का पानी दिए जाने को लेकर रेल को रोकने की कोशिश की। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था में पानी वाली रेल के आज देर शाम तक भीलवाड़ा पहुंचने की संभावना है।
उत्तर भारत में वस्त्र नगरी के नाम से पहचान रखने वाले मेवाड़ अंचल के भीलवाड़ा जिले में पानी की भारी किल्लत है। जिला प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद जिला मुख्यालय पर सप्ताह में महज पांच दिन जलदाय विभाग की ओर से पानी आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा लोगों को अपनी रोजमर्ला की आवश्यकताओं के लिए शहर में घूमने वाले निजी टैंकरों से महंगे दाम पर पानी लेना पड़ता है।
राजस्थान में भीलवाड़ा एक मात्र ऐसा शहर नहीं है जहां लोग फरवरी माह में भी पानी संकट को झेल रहे हैं। पानी संकट को देखते हुए राजधानी जयपुर सहित सभी बड़े शहरों में पिछले तीन माह से दिन में एक वक्त पानी मुहैया कराया जा रहा है। कई शहरों में तीन से चार दिन में पानी की आपूर्ति की जा रही है।
कोटा में स्थानीय जनसंगठनों के विरोध के बीच पानी के 72 टैंकर लेकर विशेष रेल कल रवाना हुई थी, पर रात को इंजन में खराबी आ जाने के बाद उसे कोटा के तालेडा में रोक देना पड़ा था। जलदाय विभाग एवं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता एम.के. एम जोशी ने बताया कि रेल में 72 टैंकर हैं तथा प्रत्येक टैंकर में 20 हजार लीटर पानी है। इस हिसाब से पहली रैक में कुल 14 लाख 40 हजार लीटर पानी कोटा से भीलवाड़ा भेजा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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