दिल्ली में जुटेंगे कोलंबो प्लान के सदस्य देश
वर्ष 1950 की जनवरी में कोलंबो प्लान के गठन के बाद से भारत में इसकी सलाहकार समिति की तीसरी बैठक (सीसीएम) हो रही है। इस बैठक का उद्घाटन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी करेंगे।
इससे पहले 1953 और 1972 में भारत सीसीएम की मेजबानी कर चुका है।
सरकार द्वारा जारी एक वक्तव्य के मुताबिक, "कोलंबो प्लान इस क्षेत्र के देशों में स्व-सहायता व एक-दूसरे की सहायता को बढ़ावा देकर लोगों की समृद्धि की दिशा में किया गया एक सहयोगात्मक प्रयास है।" वक्तव्य के मुताबिक कोलंबो प्लान का मकसद दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में सहकारी आर्थिक विकास है।
इतने वर्षो के दौरान कोलंबो प्लान सात राष्ट्रमंडल देशों आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, कनाडा, श्रीलंका, भारत, न्यूजीलैंड और पाकिस्तान के एक समूह से 26 देशों के एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन में तब्दील हो गया है। इस संगठन में गैर-राष्ट्रमंडल देश भी शामिल हैं।
इसमें अमेरिका, आस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, ईरान, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, म्यांमार, नेपाल, फिलीपीन्स, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देश भी शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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