अफगानिस्तान: बेहतरी का दावा, नसीहत भी

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना के कमांडर जनरल स्टेन्ले मैकक्रिस्टल ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में पिछले कुछ समय में सुरक्षा की स्थिति बेहतर हुई है. उन्होंने माना कि तालेबान से सुरक्षा को जो ख़तरा है, उसे पूरी तरह टाला नहीं जा सका है और स्थिति गंभीर बनी हुई है पर साथ ही पिछले एक वर्ष के दौरान हुए प्रयासों में प्रगति का हवाला भी दिया.
तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में नैटो गठबंधन सेना के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने दोहराया कि अफ़ग़ानिस्तान में और अधिक सैनिकों को अभियान में लगाने की ज़रूरत है. जनरल मैकक्रिस्टल ने कहा कि पिछले कुछ महीनों के दौरान अफ़ग़ानिस्तान में सुरक्षा की स्थिति सुधारने के लिए जिस तरह के प्रयास किए गए हैं, उन्होंने ज़मीन पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. अब स्थिति बेहतर हो रही है. हालांकि तालेबान से ख़तरे की गंभीरता में कोई ख़ास कमी नहीं आई है.
सैनिकों की कमी
अमरीकी कमांडर जनरल स्टेन्ले को अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी अभियान का कार्यभार संभाले अभी नौ महीने का ही समय हुआ है. पिछले वर्ष अपनी पहली प्रमुख रिपोर्ट में उन्होंने कहा था कि अगर अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान विरोधी अभियान को अतिरिक्त सैनिक और संसाधन नहीं भेजे गए तो संकट गहरा जाएगा.
इसके बाद ही अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान में 30 हज़ार अतिरिक्त सैनिकों को भेजने की घोषणा की गई. इनमें 10 हज़ार सैनिक अन्य नैटो सदस्य देशों से भेजने पर सहमति बनी. पिछले महीने जनरल स्टेन्ले ने भी गुड तालेबान से बातचीत की वकालत की और अब यह नई रणनीति के प्रमुख बिंदुओं में से एक है. लंदन में पिछले सप्ताह हुए सम्मेलन में इसपर सहमति जताई गई है.
अब अमरीकी कमांडर अगले एक वर्ष के दौरान दिखाई दे सकने वाले सुधारों की संभावना को लेकर आशान्वित हैं. उन्होंने यह तक कहा कि इस महीने हेलमंद में अफ़ग़ानिस्तानी सैनिकों और गठबंधन सेना के संयुक्त सशस्त्र अभियान से तालेबान को भी सबक मिल जाएगा कि किस तरह से अंतरराष्ट्रीय सेनाओं और अफ़ग़ानिस्तान के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो चुका है.












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