भारत-पाक शांति वार्ता जल्द संभव

केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदम्बरम इस महीने पाकिस्तान दौरे पर जा रहे हैं। इसी दौरे के बीच भारत ने पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय संबंधों को फिर से बहाल करने के मद्देनजर सचिव स्तर की वार्ता की पेशकश की है। भारत के वार्ता आरंभ करने के पेशकश का पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने स्वागत तो किया, लेकिन साथ ही कहा कि मुंबई पर हमले के बाद रोकी गई समग्र वार्ता को फिर शुरू करने से कम के किसी प्रस्ताव को वह स्वीकार नहीं करेगा।
वार्ता के लिए वार्ता में कोई रुचि नहीं
विदेश विभाग के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने समाचार पत्र डॉन से बातचीत में कहा, "हम परिणाममूलक और सतत संवाद चाहते हैं और समग्र वार्ता के अलावा अन्य किसी भी प्रकार की वार्ता में शामिल नहीं होंगे।" बासित ने कहा कि केवल वार्ता के लिए वार्ता करने में पाकिस्तान की कोई रुचि नहीं है।
दिल्ली में विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ता मुख्य रूप से आतंकवाद से लड़ाई पर केंद्रित रहेगी साथ ही क्षेत्र में शांति और स्थिरता के मुद्दे भी होंगे। सूत्रों ने कहा कि विदेश सचिवों की बैठक के लिए अभी तिथि निर्धारित नहीं हुई है और चर्चा के बाद यह तय किया जाएगा। संभवत: यह इस महीने के अंत में किया जा सकता है। इस बारे में पाकिस्तान के जवाब का इंतजार है।
जेहाद काउंसिल भी वार्ता को तैयार
उधर मुजफ्फराबाद में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन युनाइटेड जेहाद काउंसिल के सरगना सैयद सलाहुद्दीन ने गुरुवार को कहा कि अगर वार्ता नतीजापरक हो तो वह भारत के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में एक जेहादी रैली में भारत में वांछित आतंकवादी सलाहुद्दीन ने कहा, "हम भारत के साथ नतीजापरक वार्ता के लिए तैयार हैं।"
कश्मीर में सबसे बड़े आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सलाहुद्दीन ने कहा कि उन्हें भारत से कश्मीर की आजादी से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। उसने जम्मू एवं कश्मीर के विभाजन अथवा स्वायत्तता का विरोध किया।












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