प्रतिबंध के बावजूद श्रीनगर में पथराव (लीड-1)
घाटी में एक किशोर की मौत के विरोध में प्रदर्शनों की वजह से जनजीवन प्रभावित होने के मद्देनजर प्रशासन ने श्रीनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू जैसे प्रतिबंध लगा दिए थे। सुरक्षा बलों ने सड़कों पर अवरोधक लगा दिया था।
एक स्थानीय निवासी बोहरी कदाल ने कहा, "यह कर्फ्यू जैसी स्थिति है और हमें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं है। हम आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए भी बाहर नहीं जा सकते।"
श्रीनगर के मैसुमा, बातमालू और बेमिना क्षेत्रों और अनंतनाग, हंदवाड़ा और बारामूला में लोगों ने केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों पर पथराव किया।
हुर्रियत कांफ्रेंस के नरमपंथी धड़े के अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारुक को उनके घर में नजरबंद कर दिया गया है जबकि अन्य दो नरमपंथी नेताओं शबीर शाह और नयीम खान और कट्टरपंथी धड़े के फिरदौस शाह को गिरफ्तार कर लिया गया है।
शहर के बेमिना, बातमालू और मैसुमा क्षेत्र में पुलिस को भीड़ पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठी चार्ज करना पड़ा।
श्रीनगर में बुधवार को जबरदस्त झड़पों में 40 लोग घायल हो गए थे। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि नौहाटा और नवाकदल इलाकों में आंसू गैस की चपेट में आए दो युवा प्रदर्शनकारियों की हालत नाजुक बनी हुई है।
गड़बड़ी की आशंका को देखते हुए पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने पूरे पुराने शहर के इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए। सड़कों पर पैदल चलने वालों और वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। श्रीनगर में प्रशासन ने एक ही जगह पर पांच या उससे ज्यादा लोगों के खड़े होने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
रविवार को आंसू गैस की चपेट में आकर 13 साल के किशोर की मौत हो जाने के बाद कश्मीर घाटी के प्रमुख शहरों में पूरी तरह हड़ताल है।
बुधवार शाम जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक फारूक अहमद की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रीनगर की स्थिति की समीक्षा की गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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