अगले आम चुनाव का नेतृत्व अभी तय नहीं : सुषमा
सुषमा ने समाचार चैनल स्टार न्यूज के साथ बातचीत के दौरान यह बात कही। पार्टी में गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने कहा कि भाजपा निर्गुट पार्टी है और इसके नेताओं में अहं का कोई टकराव नहीं है। अरुण जेटली और सुधांशु मित्तल प्रकरण की याद दिलाने पर उन्होंने कहा, "जो बीत गई, वो बात गई"। सुषमा ने पार्टी के नए अध्यक्ष नितिन गडकरी को दूरद्रष्टा और काम करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा में अध्यक्ष का पद नंबर एक होता है।
सुषमा ने कहा कि झारखंड में भाजपा के सामने दो विकल्प थे, या तो राज्य को कांग्रेस के हाथ में देते या फिर झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के साथ मिलकर सरकार बनाते। उन्होंने कहा कि झामुमो से गठजोड़ का फैसला पार्टी संसदीय बोर्ड ने किया था इसलिए इसका ठीकरा सिर्फ नितिन गडकरी के सिर फोड़ना ठीक नहीं है।
उन्होंने कहा कि अलग तेलंगाना के सवाल पर अब किसी समिति की जरूरत नहीं है। समिति बनाना तेलंगाना के लोगों के साथ विश्वासघात होगा। उन्होंने कहा कि यह ऐसी सरकार है जो फैसले पहले करती है और प्रतिक्रिया होने पर विचार-विमर्श बाद में। उन्होंने कहा कि तेलंगाना की मांग को बार-बार ठंडे बस्ते में डाला गया है इसलिए अब समय आ गया है कि अलग राज्य का गठन कर दिया जाए।
सुषमा ने कहा कि संसद सत्र से पहले उनकी पार्टी के नेता तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के मुद्दों को जुटाएगी जहां बीजेपी के सांसद नहीं हैं। संसद में उन मुद्दों को वरिष्ठ नेता उठाएंगे ताकि सांसद विहीन राज्यों में भी कमल खिल सके।
उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी से उनकी कोई निजी रंजिश नहीं है लेकिन उनके प्रधानमंत्री बनने का मतलब यह होगा कि देश की 100 करोड़ जनता नालायक है और इनमें से किसी में देश का नेतृत्व करने की क्षमता नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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