मूत्र संबंधी रोगों के उपचार में रोबोट के इस्तेमाल पर सम्मेलन
पांच दिवसीय इस सम्मेलन में 1,000 से अधिक भारतीय और 200 विदेशी विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
सम्मेलन के पूर्व आयोजित कार्यशाला में अमेरिकन यूरोलॉजिकल एसोसिएशन के विशेषज्ञ आधुनिक रोबोटिक लैप्रोस्कोपिक तकनीक पर प्रकाश डालेंगे और अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
आयोजन की संगठन सचिव मधु एस.अग्रवाल ने आईएएनएस को बताया, "रोबोट के जरिए शल्य चिकित्सा उपकरणों पर नियंत्रण कर तथा शल्य चिकित्सकों को 3डी या 10 गुना अधिक उच्च रिजल्यूशन डिस्प्ले के साथ आरामदायक स्थिति में प्रतिष्ठित कर महत्वपूर्ण अंगों की शल्य चिकित्सा सटीक तरीके से की जा सकती है।"
अग्रवाल ने कहा, "रोबोटिक नियंत्रण उदर गुहा के अंदर काम करने की अधिक आजादी मुहैया कराता है।"
अग्रवाल ने कहा कि मूत्र रोग से ग्रस्त रोगियों की संख्या प्रति वर्ष बढ़ती जा रही है। हर 10 में से पांच व्यक्ति मूत्र संबंधी रोग से ग्रस्त है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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