बिहार बंद से जनजीवन प्रभावित (लीड-1)
बंद का यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है। पुलिस के अनुसार राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अब तक 100 से ज्यादा बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया है। बंद का लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) का समर्थन प्राप्त है।
राजद के बंद का यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है। पटना में गुरुवार को राजद कार्यकर्ता सुबह से ही सड़क पर उतरने लगे थे। पटना में अधिकांश दूकानें तथा विद्यालय बंद रहे। पटना के कई स्थानों में बंद समर्थकों ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दिया।
बंद समर्थकों ने पटना सिटी में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया। बंद का भागलपुर, पूर्णिया, नालंदा, जहानाबाद में व्यापक असर देखा गया।
पुलिस के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों में जबरदस्ती दुकानों को बंद करवाने के आरोप में बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया है। समाचार लिखे जाने तक भागलपुर में 20, नालंदा में 50, खगड़िया में 50 से ज्यादा, मुंगेर में 20 तथा पुर्णिया में पांच बंद समर्थकों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार अब तक कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।
पटना-हाजीपुर मार्ग पर महात्मा गांधी सेतु को बंद समर्थकों ने तीन स्थानों पर जाम कर दिया है जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप्प हो गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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