अफगानिस्तान में अपनी भूमिका से संतुष्ट है भारत
लंदन, 28 जनवरी (आईएएनएस)। आतंकवाद से प्रभावित अफगानिस्तान के भविष्य पर गुरुवार को लंदन में आयोजित विश्व सम्मेलन में भारत ने कहा कि वह अफगानिस्तान के विकास में अपनी भूमिका से संतुष्ट है लेकिन सुरक्षा जिम्मेदारियों में वृद्धि को स्वीकार करने से इंकार नहीं किया।
लंदन में एक दिवसीय सम्मेलन के लिए जुटे दुनिया के 68 देशों के नेताओं में से एक विदेश मंत्री एस.एम.कृष्णा ने कहा, "हमें नहीं पता कि इस सम्मेलन में क्या उभर कर सामने आएगा। आने वाले परिणाम पर निर्भर करते हुए भारत की भूमिका अधिक स्पष्ट होगी।"
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान से लंबे समय से संबंधों के कारण उनके विकास में सहयोग देने की अपनी वर्तमान भूमिका से भारत संतुष्ट है।
कृष्णा ने कहा कि अफगानिस्तान के उभरते परिदृश्य में भारत की अधिक भूमिका के ब्रिटिश प्रधानमंत्री गोर्डन ब्राउन के आह्वान की वह सराहना करते हैं।
अफगानिस्तान का सीधा पड़ोसी नहीं होने के नाते भारत की भूमिका के विस्तार का पाकिस्तान द्वारा विरोध करने के जवाब में कृष्णा ने कहा कि अफगानिस्तान के सीधे पड़ोसी अफगानिस्तान में विफल रहे हैं।
कृष्णा ने बुधवार को ब्रिटिश विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड से मुलाकात की।
ब्राउन ने मंगलवार को कहा था कि अफगानिस्तान में लोकतंत्र को कायम रखने में मदद की भारत को बड़ी भूमिका निभानी है।
ब्रिटिश अधिकारियों के नाटो के नेतृत्व वाले अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सहायता बल के 100,000 सैनिकों के हटने के बाद अफगान सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण के लिए भारत की सहायता लेने के सुझावों के बाद भारत की भूमिका अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के केंद्र में आ गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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