बिहार बंद से जनजीवन अस्त- व्यस्त, लालू सहित कई गिरफ्तार (लीड-2)
बंद को लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी अपना समर्थन दिया था।
बंद को सफल बनाने के लिए लालू को भी सड़कों पर उतरना पड़ा। बंद समर्थकों के साथ वह पटना के डाक बंगला चौराहा पहुंचे। समर्थकों को संबोधित करने के दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विनित विनायक के मुताबिक पटना में लालू प्रसाद, लोजपा अध्यक्ष राम विलास पासवान, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व सांसद रामकृपाल यादव, अखिलेश सिंह सहित करीब 5,500 बंद समर्थकों को गिरफ्तार करने के बाद शाम को रिहा कर दिया गया।
इसके अलावा राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में भी बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार भागलपुर में 60, पूर्णिया में 100, आरा में 22, खगड़िया में 90 से ज्यादा तथा नालंदा में 200 से ज्यादा बंद समर्थकों को गिरफ्तार किया गया।
बंद का यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा। बंद के दौरान बंद समर्थकों ने कई स्थानों पर रेल सेवा भी बाधित करने का प्रयास किया। राष्ट्रीय राजमार्गो को भी जाम किया गया। पटना-हाजीपुर मार्ग पर महात्मा गांधी सेतु को बंद समर्थकों ने तीन स्थानों पर जाम कर दिया जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था।
पटना में राजद कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर उतरने लगे थे। पटना में अधिकांश दुकानें तथा विद्यालय बंद रहे। बंद समर्थक विभिन्न टुकड़ियों में बंटकर बंद कराते देखे गए। पटना के कई स्थानों में बंद समर्थकों ने टायर जलाकर सड़क जाम कर दी। बंद समर्थकों ने पटना सिटी में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन किया।
बंद का भागलपुर, पूर्णिया, नालंदा, छपरा, हाजीपुर तथा जहानाबाद में व्यापक असर देखा गया। नालंदा और नवादा में बंद समर्थकों ने जुलूस निकाला जबकि मुजफ्फरपुर में यह शांतिपूर्वक रहा। बंद के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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