बसु की आत्मकथा की मांग बढ़ी
नई दिल्ली, 20 जनवरी (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु की आत्मकथा, 'मेमोयर्स, ए पॉलिटिकल ऑटो बायोग्राफी' की मांग उनकी मौत के साथ ही आश्चर्यजनक रूप से बढ़ गई है।
कुल 397 पृष्ठों वाली इस आत्मकथा का बांग्ला से अंग्रेजी में अनुवाद किया गया है। इस पुस्तक की मांग बसु को पहली जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद से ही बढ़ गई थी। बसु का 17 जनवरी को निधन हो गया।
यहां मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के मुख्यालय में स्थित किताब की दुकान की देख-रेख कर रहीं वंदना शर्मा ने कहा, "हमारे पास अब एक भी अंग्रेजी की प्रति नहीं बची है। इस किताब की भारी मांग है। लोग आ रहे हैं और उसी किताब की मांग कर रहे हैं। मैं उन्हें एक ही तरह का जवाब देते-देते थक गई हूं।"
शर्मा ने कहा कि इस किताब की मांग तो बसु के बीमार पड़ने से पहले भी थी, लेकिन उसके बाद इसकी बिक्री अचानक बढ़ गई। कोलकाता की नेशनल बुक एजेंसी द्वारा 1999 में प्रकाशित इस किताब के पेपरबैक संस्करण की कीमत 150 रुपये है।
शर्मा ने आईएएनएस को बताया, "मैं नियमित रूप से इस किताब के लिए आर्डर भेज रही हूं। लेकिन अब मांग ज्यादा बढ़ गई है। लोग बसु के बारे में ज्यादा कुछ जानना चाहते हैं।"
माकपा कार्यालय के बगल में स्थित पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा संचालित मुक्तधारा बुक गैलरी के सुशांता दत्ता ने भी कहा कि इस पुस्तक की सारी प्रतियां बिक चुकी हैं।
दत्ता ने कहा, "हम कोलकाता से ताजा किताबों के आने का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन हमें नहीं पता कि किताब कब आएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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