इलाज के लिए भारत आईं अफगानिस्तानी महिला स्वस्थ
नई दिल्ली, 19 जनवरी (आईएएनएस)। पिछले एक वर्ष से रजोनिवृत्ति संबंधी बीमारी से जूझ रहीं काबुल की 49 वर्षीय निवासी खादिजा ने पड़ोसी देश पाकिस्तान में आतंकवाद का शिकार बनने के डर से इलाज के लिए भारत आना स्वीकार किया था।
यहां जांच में पता चला कि उन्हें गर्भाशय का कैंसर है। यहां उनका इलाज हुआ और एक सप्ताह बाद ही उन्हें कैंसर मुक्त घोषित कर दिया गया।
खादिजा काबुल में जिन चिकित्सकों से इलाज करा रही थीं वे उनकी बीमारी को ठीक तरह से नियंत्रित नहीं कर सके थे और आगे की जांच के लिए उनसे पेशावर के रहमान मेडीकल सेंटर ले जाने के लिए कहा गया था लेकिन वहां भी दवाओं से उनका इलाज नहीं हो सका।
खादिजा के भतीजे अहमद सीयार ने आईएएनएस से कहा, "हम इलाज के लिए तीन महीने के दौरान तीन बार पेशावर गए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। तब हमारे चिकित्सक ने कहा कि भारत में तकनीकी रूप से समृद्ध और विशेषज्ञ शल्य चिकित्सक उनके इलाज का विकल्प हो सकते हैं। पाकिस्तान में ठीक से इलाज न हो पाने और सुरक्षा व्यवस्था कमजोर होने की वजह से हमने यहां आने का निर्णय लिया।"
वह दिसम्बर में यहां आई थीं। साकेत स्थित मैक्स हेल्थकेयर अस्पताल में उनका इलाज हुआ था।
उनकी चिकित्सक उर्वशी प्रसाद झा ने बताया कि सात जनवरी को लैप्रोस्कोपिक तकनीक से खादिजा का इलाज किया गया था। तीन दिन बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। अब वह कैंसर मुक्त हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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