पोप जॉन पॉल द्वितीय का हमलावर लेखक बनेगा

इस्तांबुल, 15 जनवरी (आईएएनएस)। यूं तो सेंट पीटर्स स्क्वोयर पर पोप जॉन पॉल द्वितीय पर हुए जानलेवा हमले को करीब 30 साल बीत चुके हैं, पर आज भी उस घटना की यादें कई लोगों के दिमाग में कैद हैं। इसे अंजाम देने वाला शख्स जेल से बाहर निकलकर अपनी इसी दुस्साहिक करतूत को साहित्य जगत में भुनाने की तैयारी में है। वह इस पर किताब लिखना चाहता है।

इस कारनामे के बावजूद पोप द्वारा माफ कर दिया गया यह शख्स 18 जनवरी को तुर्की की जेल से आजाद होगा। मेहमत अली आगका नामक इस हमलावर को उम्मीद है कि जब वह सलाखों के घेरे से बाहर आएगा तो वह मीडिया और साहित्य जगत का चहेता बन जाएगा।

उसे उम्मीद है कि साक्षात्कारों और इस घटना पर केंद्रित पुस्तकों के लिए होने वाले करारों से वह मालामाल हो जाएगा।

खबर है कि उसने बहुचर्चित पुस्तक 'डा विंची कोड' के लेखक डैन ब्राउन को पत्र लिखकर उन्हें 'द वेटिकन कोड' नामक पुस्तक लिखने की अपनी योजना से अवगत कराया है। 52 साल के हो चुके इस व्यक्ति को पोप ने 1983 में ही माफ कर दिया था। सवाल यह है कि क्या समाज को अपराध को भुनाने की उसकी कोशिश पर ऐतराज नहीं होगा?

आगका का तुर्की वकील हाकी अली ओझान कहता है, "इस मामले के दो पहलू हैं। पुलिस की नजर में वह ऐसा व्यक्ति है जो अपने अपराध को भुनाकर रकम कमाना चाहता है, पर दूसरा पहलू यह है कि अब वह अपराधी नहीं है क्योंकि उसने सजा भुगत ली है। उसे संस्मरण लिखने का पूरा हक है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+