हैती भूकंप में कई मंत्री भी मारे गए, अगले 48 घंटे महत्वपूर्ण (राउंडअप)

अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रास का कहना है कि राहत कार्य के लिहाज से अगले 48 से 72 घंटे काफी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि मलबे में जिंदा दबे लोगों को इस समय सीमा में बाहर नहीं निकाला गया तो वे दम तोड़ सकते हैं क्योंकि कोई व्यक्ति पानी के बिना इससे ज्यादा समय तक जिंदा नहीं रह सकता।

रेडक्रास का कहना है कि करीब 15 इलाके ऐसे हैं जिनकी 70 फीसदी इमारतें ध्वस्त हो गई हैं। हैती रेडक्रास के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार भूकंप में 50 हजार लोगों की मौत हुई है।

जर्मनी में हैती के राजदूत ज्यां रॉबर्ट सैगेट ने शुक्रवार को बताया कि मारे गए राजनेताओं में न्याय मंत्री पॉल डेनिस और नेता प्रतिपक्ष माइकल गैलार्ड भी शामिल हैं। राजदूत ने कहा, "मैं जानता हूं कि कई मंत्रियों की मौत हुई है। इसमें न्याय मंत्री डेनिस भी शामिल हैं।"

भूकंप से हुई तबाही के बाद हैती के हजारों लोगों ने बुधवार की रात भी राजधानी पोर्ट-ओ-प्रिंस की सड़कों पर गुजारी। भूकंप से सबसे ज्यादा तबाही राजधानी में हुई हैं।

रेडियो मेट्रोपोले ने खबर दी, "कुछ शव फूलने आरंभ हो गए हैं। दूसरी ओर ज्यादातर सर्विस स्टेशनों पर ईंधन नहीं है।"

वैसे भूकंप पीड़ित इस आपदा के बाद पहली रात मंगलवार को भी खुले आसमान में सोए। खबरों में कहा गया है कि पोर्ट-ओ- प्रिंस की सड़कों पर हजारों लोग सोए या फिर टहलते रहे। यह वे लोग थे जो अपनी जान बचाकर घरों से बाहर निकले थे।

भूकंप मंगलवार को हैती के समयानुसार शाम में 4.53 बजे आया था। इसका केंद्र राजधानी से 15 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम में था। इसके बाद तीन और झटके महसूस किए गए थे। हैती के अधिकारियों का कहना है कि 100,000 से अधिक लोग मारे गए हैं।

उधर संयुक्त राष्ट्र के एक अधिकारी ने शुक्रवार को कहा है कि हैती में उसके खाद्यान्न भंडारों को लूट लिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र की प्रवक्ता एमिला कैसेला ने कहा है कि हैती में पहले से मौजूद विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के खाद्यान्न भंडारों को लूट लिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र के इस खाद्य संगठन का मानना है कि भूकंप की इस आपदा से पहले आई अन्य प्राकृतिक आपदाओं और संकटों के कारण हैती में लगभग 20 लाख लोग पहले से खाद्य संकट से घिरे हुए थे।

प्रवक्ता ने संवाददाताओं को बताया कि डब्ल्यूएफपी अपने बचे हुए भंडारों से खाद्य वितरण जारी रखेगा।

कैसेला ने कहा, "ऐसे समय में हमारे पास जो भी खाद्यान्न बचा है, हम उसे लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यह खाद्य आपूर्ति घड़े में एक बूंद की तरह है।"

चिली सरकार ने शुक्रवार को कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बचाव दल के सदस्यों ने हैती में एक होटल के मलबे से 23 लोगों को जीवित निकाला है।

हैती में चिली के राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त दूत जुआन गैबरियल वल्देज ने बताया कि इन लोगों को मोन्ताओ होटल के मलबे से निकाला गया। हैती के इस होटल में ज्यादातर अंतर्राष्ट्रीय कार्यकर्ता ठहरते हैं।

राजनयिक ने बचाए गए लोगों की राष्ट्रीयता का खुलासा किए बगैर बताया, "हमने उन्हें रात में देखा।" उन्होंने बताया कि बचाव दल के सदस्य विभिन्न देशों से आए हुए हैं जो राहत कार्य में जुटे हुए हैं।

राजधानी पोर्ट-ओ- प्रिंस में राहतकर्मी घायलों और बेघर हुए लोगों की मदद में जुटे हैं। बड़ी संख्या में लोग मलबे के ढेर में दबे हुए हैं और राहतकर्मी उनको निकालने में लगे रहे। राहत दल हजारों पीड़ितों को खाद्य सामग्री भी बांट रहे हैं जिन्हें विगत कुछ दिनों से अन्न का एक दाना भी नसीब नहीं हो सका है।

राहत कार्य में जुटे लोगों का कहना है कि चारों तरफ मलबों का ढेर लगा और लोग उनके नीचे दबे हैं ऐसे में उन तक पहुंचने में खासी दिक्कत हो रही है।

भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हैती में आए विनाशकारी भूकंप के प्रति वहां के प्रधानमंत्री जीन-मैक्स बेल्लेरिव और वहां की जनता के प्रति अपनी संवेदना जाहिर की है और तत्काल राहत के रूप में 50 लाख डॉलर की सहायता प्रदान की है।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा है, "हैती में 12 जनवरी, 2010 को आए भूकंप से हुई भारी तबाही की खबर सुन कर हमें गहरा दुख हुआ है। भारत संकट की इस घड़ी में हैती की जनता और वहां की सरकार के साथ है। हम हैती की जनता के प्रति अपनी संवेदना जाहिर करते हुए 50 लाख डॉलर की तत्काल सहायता करना चाहेंगे।"

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने हैती के लिए 10 करोड़ डॉलर की सहायता राशि का ऐलान किया है। उन्होंने ने इस आपदा को भयावह करार दिया।

ओबामा ने अमेरिका के सभी विभागों से कहा कि वे हैती में राहत कार्य को अपनी प्राथमिकता बनाएं। उन्होंने कहा, "हैती के लोगों को भोजन, पानी और दवा मुहैया कराने के लिए 10 करोड़ डॉलर की सहायता दी जाएगी।"

कई अन्य देशों ने हैती को भूकंप की आपदा से निपटने के लिए सहायता राशि देने की घोषणा की है।

गौरतलब है कि हैती में मंगलवार को रिक्टर पैमाने पर सात की तीव्रता वाले भूकंप के शक्तिशाली झटके महसूस किए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि भूकंप में 100,000 से अधिक लोगों के मारे गए हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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