हमलों के बारे में शीघ्र निष्कर्ष निकालना उचित नहीं : आस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त (लीड-1)
कार्रवाई के प्रति अपने देश की सरकार को गंभीर बताते हुए वर्गीज ने एक बयान में कहा, "केवल विक्टोरिया में भारतीयों से जुड़े मामले में 34 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।"
उन्होंने कहा, "कुछ मामलों के बारे में अदालतों ने फैसला ले लिया है, इससे कड़ी सजा की संभावना प्रबल हुई है। उदाहरण के लिए भारतीय मूल के डॉक्टर मुकेश हैकरवाल पर हमला करने के लिए तीन लोगों को दोषी पाया गया है और इन्हें साढ़े आठ वर्ष, साढ़े सोलह वर्ष और नौ वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।"
पिछले कुछ महीनों के दौरान आस्ट्रेलिया में भारतीय मूल के लोगों पर कई हमले हुए हैं। इनमें दो भारतीय युवकों की मौत भी हो गई। इसको देखते हुए भारत सरकार को अपने नागरिकों के लिए दिशानिर्देश जारी करना पड़ा।
वर्गीज ने इन मामलों में जारी पुलिस जांच की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि जल्दबाजी में किसी निर्णय पर नहीं पहुंचा जाए न ही प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों को साक्ष्य के रूप में लिया जाए।"
कुछ मामलों की जांच के बारे में खुलासा करते हुए वर्गीज ने दावा कि ग्रिफिथ में बरामद भारतीय युवक रंजोध सिंह का जला हुआ शव एक नस्ली हमला था और इसके साथ सावधानी से निपटा जाना चाहिए।
इस मामले में न्यू साउथ वेल्स की पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है।
इसी तरह नौ जनवरी को मेलबर्न में जसप्रीत सिंह को जलाने की घटना एक हमला था।
वर्गीज ने कहा कि इन सभी मामलों में यह जरूरी है कि जांच अधिकारी साक्ष्यों को इकट्ठा करें और इसके बाद इसके पीछे के उद्देश्यों का पता लगाने के लिए आपराधिक न्याय व्यवस्था आगे बढ़े।
शुक्रवार को एक आस्ट्रेलियाई अदालत ने एक भारतीय टैक्सी चालक पर हुए हमले मामले में एक व्यक्ति को तीन माह के कारावास की सजा सुनाई। मामले में 24 घंटे के भीतर फैसला सुनाया गया है।
इस बारे में उच्चायुक्त ने कहा, "इस मामले की सुनवाई में बरती गई तेजी से पता चलता है कि आस्ट्रेलिया की सरकार भारतीयों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कितना गंभीर है।"
वर्गीज के मुताबिक मेलबर्न नितिन गर्ग की हत्या मामले की जांच जारी है और प्रशासन इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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