आतंकी साजिश के सूत्रधार ने कनाडा से माफी मांगी
गुरमुख सिंह
टोरंटो, 15 जनवरी (आईएएनएस)। अलकायदा की योजना के मुताबिक कई कनाडाई ठिकानों को निशाना बनाने की एक आतंकी साजिश के सूत्रधार ने कनाडा की जनता से माफी मांगी है। इस साजिश को आतंकवाद के इतिहास में टोरंटो-18 आतंकवादी साजिश के तौर पर जाना जाता है।
जून 2006 में 18 मुस्लिमों की गिरफ्तारी के बाद इस साजिश का खुलासा हुआ था। इनमें से अधिकांश पाकिस्तानी मूल के थे। आतंकवादियों ने बेहद खतरनाक योजनाएं बनाई थीं। उन्होंने कनाडा की संसद पर हमला कर प्रधानमंत्री हार्पर कोलिन को बंधक बनाकर उनका सिर कलम करने और टोरंटो स्टॉक एक्सचेंज एवं कनाडाई गुप्तचर सेवा कार्यालय समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाने की साजिश रची थी।
ऐसी दहशतनाक कार्रवाइयां कर वे अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को संदेश देना चाहते थे। उनका इरादा जनता में असुरक्षा की भावना पैदा करना भी था।
गुरुवार को अदालत में अपनी पेशी के दौरान इस साजिश के सूत्रधार जकारिया अमारा ने जज को अपना एक पत्र पढ़कर सुनाया। इसके बाद उसने कनाडा की जनता को संबोधित अपने पत्र में अपनी करतूत पर पछतावा जाहिर किया। उसने जनता से माफी मांगी। साथ ही उसने यह कहा कि अब वह जेहादी विचारधारा से मुक्त हो गया है। इस अपराधी को पिछले साल अक्टूबर में दोषी करार दिया गया था।
उसने अदालत में कहा कि वह चरमपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर जनसंहार करने चला था। अमारा ने अपने लिखित बयान को पढ़कर सुनाया। इसमें उसने कहा, "मैं हर कनाडाई से वादा करता हूं कि ऐसी विचारधारा से कभी प्रभावित नहीं होऊंगा। मुझे एक मौका चाहिए ताकि मैं साबित कर सकूं कि मैं ऐसी विचारधारा से मुक्त हो गया हूं। मेरा जो नैतिक पतन हुआ था उसकी मैं भरपाई करना चाहता हूं। जनता का जो मुझ पर नैतिक कर्ज है, उसे चुकाना चाहता हूं।"
उसने कहा कि वह अपने किए पर कोई सफाई नहीं देना चाहता और जनता को उसकी निंदा करने का पूरा हक है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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