आरुषि के माता-पिता के नार्को परीक्षण की इजाजत (लीड-4)
आरुषि का शव 16 मई 2008 को नोएडा स्थित उसके घर से बरामद किया गया था।
अदालत ने नार्को परीक्षण की अनुमति देते हुए कहा, "राजेश तलवार और नूपुर तलवार के नार्को परीक्षण की इजाजत न देने के पीछे हमें कोई कारण नजर नहीं आता।" अदालत ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में नार्को परीक्षण की इजाजत दिया जाना उचित प्रतीत होता है।
अदालत ने हालांकि सीबीआई को निर्देश दिया कि कि तलवार दंपति का नार्को परीक्षण करने से पहले उनकी चिकित्सकीय जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि वे दोनों स्वस्थ हैं।
अदालत ने कहा कि तलवार ने ईमेल के जरिये सीबीआई को अपने विचार भेजे हैं।
आरुषि हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने अदालत से तलवार दंपति के नार्को परीक्षण की इजाजत के लिए अर्जी दायर की थी। अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
सीबीआई के वकील सुरेश बत्रा ने सीबीआई की विशेष अदालत की न्यायाधीश प्रीति सिंह के समक्ष अर्जी दाखिल कर तलवार दंपति के नार्को परीक्षण कराने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए तलवार दंपति का नार्को परीक्षण जरूरी है।
उधर, राजेश और नुपुर तलवार के वकील सतीश टम्टा ने नार्को परीक्षण का विरोध किया था। दूसरी ओर राजेश तलवार ने कहा था, "हम किसी भी परीक्षण के लिए तैयार हैं। हमें कोई दिक्कत नहीं है।"
उल्लेखनीय है कि इस मामले में पहले राजेश को गिरफ्तार भी किया गया था लेकिन सीबीआई उनके खिलाफ आरोप पत्र दायर करने में असफल रही थी, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। सीबीआई अब नए सिरे से इस मामले की जांच कर रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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