झारखण्ड में सरकार बनने का रास्ता साफ (राउंडअप)
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के साथ मिलकर राज्य में अगली सरकार बनाएगी। भाजपा ने हालांकि स्पष्ट किया है इस संबंध में अंतिम फैसला पार्टी की केंद्रीय इकाई करेगी।
झामुमो के वरिष्ठ नेता हेमलाल मुर्म ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "हम भाजपा के साथ राज्य में सरकार बनाएंगे।"
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक भाजपा झामुमो अध्यक्ष शिबु सोरेन को मुख्यमंत्री बनाने और तीन मंत्री पद देने के लिए तैयार हो गई है। इसके एवज में वह विधानसभा अध्यक्ष और तीन मंत्री पद चाहती है। सरकार बनाने के फार्मूले के तहत आजसू को दो और जनता दल (युनाइटेड) को एक मंत्री पद देने का प्रस्ताव है।
इस सिलसिले में शुक्रवार को नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन गड़करी ने पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मुलाकात की। राजनाथ सिंह शुक्रवार को ही रांची के लिए रवाना भी हो गए।
इस बारे में पूछे जाने पर पार्टी की झारखण्ड प्रभारी करूणा शुक्ला ने आईएएनएस को बताया कि प्रदेश अध्यक्ष रघुबर दास इस सिलसिले में झामुमो से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बनाने के बारे में कोई भी फैसला केंद्रीय नेतृत्व लेगा।
शुक्ला ने कहा, "कल (शनिवार) विधायक दल की बैठक बुलाई है जिसमें सभी नवनिर्वाचित विधायक किसी एक को अपना नेता चुनेंगे।" इस बैठक में शुक्ला और पार्टी महासचिव अनंत कुमार बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहेंगे।
आंकड़ों पर गौर किया जाए तो भाजपा और जनता दल (युनाइटेड) के पास 20, झामुमो के पास 18 और आजसू के पास पांच विधायक हैं। तीनों को मिलाकर विधायकों की संख्या 43 हो जाती है। 81 सदस्यीय राज्य विधानसभा में सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 41 विधायकों की आवश्यता होगी।
उधर, कांग्रेस और उसकी सहयोगी झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) शिबू सोरेन के बगैर सरकार गठित करने की कवायद में जुटे हैं।
झामुमो राज्य में सरकार गठन करने की स्थिति में मुख्यमंत्री पद की मांग कर रहा है। कांग्रेस और झाविमो इसके लिए तैयार नहीं है।
झाविमो के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि सोरेन की मांग अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा, "राज्य में झामुमो के बगैर भी सरकार गठित हो सकती है।"
राज्य में कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टी के 25 सदस्य चुने गए हैं। परंतु सरकार बनाने के लिए 41 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। ऐसे में झामुमो के 18 विधायकों के सहयोग से सरकार का गठन आसानी हो सकता है।
कांग्रेस के एक नेता ने आईएएनएस से कहा, "मौजूदा स्थिति में झामुमो की मांग को देखते हुए सरकार का गठन मुश्किल लगता है। हमने सरकार बनाने की आस नहीं छोड़ी है लेकिन यह आसान नहीं है। हम झामुमो के बगैर सरकार बनाने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।"
इस बीच सोरेन को पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया। सोरेन फिलहाल लोकसभा के सदस्य हैं।
झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू ने संवाददाताओं को बताया, "शिबू सोरेन को एकमत से पार्टी विधायक दल का नेता चुन लिया गया। विधायकों ने सोरेन को सरकार के गठन के संबंध में फैसला करने का भी अधिकार दिया है।"
पार्टी के एक अन्य विधायक चंपई सोरेन ने कहा, "सरकार के गठन के संबंध में सोरेन ही फैसला करेंगे। झामुमो की यह स्पष्ट राय है कि सोरेन को राज्य का मुख्यमंत्री बनना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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