रुचिका मामले में झूठे हैं चौटाला के आरोप: भजनलाल
भजनलाल ने समाचार चैनलों को कहा, "चौटाला ने उन्हें डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) बनाया था। उनके आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। वह (चौटाला) गलत हैं।"
इससे पहले हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौटाला ने भजनलाल पर राठौर का बचाव करने का आरोप लगाया था।
चौटाला ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, "भजनलाल और बंसीलाल की सरकारों के कार्यकाल में राठौर की पदोन्नति हुई थी न कि हमारे कार्यकाल में।"
भजनलाल के बेटे और हरियाणा जनहित कांग्रेस के नेता कुलदीप बिश्नोई ने भी चौटाला के आरोपों का खंडन किया है।
बिश्नोई ने कहा, "12 अगस्त 1990 को यह घटना हुई थी और 1990 व 1991 के दौरान परिवार को परेशान किया गया था। उस समय चौटाला सरकार का शासन था। मेरे पिता (भजन लाल) की सरकार बाद में आई थी।"
बिश्नोई ने कहा, "चौटाला और राठौर एक ही थे। हमने मामले को दोबारा शुरू करने व रुचिका के भाई के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने वाले और परिवार के अन्य सदस्यों को परेशान करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ एक मामला दर्ज करने की मांग की है।"
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने सोमवार को चण्डीगढ़ में सुनवाई के दौरान राठौर को 14 साल की रुचिका के साथ दुर्व्यवहार का दोषी पाया था और उनके खिलाफ छह महीने की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। राठौर ने 12 अगस्त 1990 को पंचकुला में रुचिका के साथ दुर्व्यवहार किया था। इसके तीन वर्ष बाद रुचिका ने हरियाणा पुलिस की यातनाओं से तंग आकर 1993 में आत्महत्या कर ली थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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