जनादेश विरोधी 'साजिशों' के खिलाफ पीपीपी ने कमर कसी
इस्लामाबाद, 20 दिसम्बर (आईएएनएस)। पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने न्यायपालिका से टकराव मोल न लेते हुए मुल्क पर हुकूमत के उसके अधिकार को नजरंदाज करने की कोशिशों में जुटी ताकतों के खिलाफ कमर कसने का फैसला किया है। पार्टी ने अपने सहअध्यक्ष आसिफ अली जरदारी और अन्य वरिष्ठ सदस्यों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मुकदमों का सामना करने का भी फैसला लिया है।
समाचार पत्र 'डॉन' के अनुसार पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रीय सुलह अध्यादेश (एनआरओ)को असंवैधानिक करार देते हुए खारिज कर देने से जरदारी और उनके वरिष्ठ साथियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले फिर से शुरू हो गए हैं।
जरदारी की अध्यक्षता में राष्ट्रपति आवास में हुई इस बैठक में ऐसी ताकतों की घोर आलोचना की गई जिन्होंने लोकतंत्र एवं पीपीपी के समर्थन में मिले जनादेश को कभी मंजूर नहीं किया। जरदारी ने हालांकि सुप्रीम कोर्ट या एनआरओ के खिलाफ उसके फैसले, या फिर सेना या विपक्षी पार्टियों की बिल्कुल भी प्रत्यक्ष आलोचना नहीं की।
जरदारी ने कहा, "पीपीपी लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक ढंग से सभी विरोधियों और साजिशों का सामना करेगी।"
सात घंटे तक चली इस बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि एनआरओ के खारिज होने के बाद भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना करने वाला कोई भी मंत्री इस्तीफा नहीं देगा, बल्कि अदालत में इन मुकदमों की सुनवाई करेगा।
पार्टी प्रवक्ता फरहतुल्लाह बाबर ने कहा कि बैठक में जरदारी के नेतृत्व में पूरा भरोसा व्यक्त किया गया है और साथ ही पूरी तरह उनका समर्थन करने का फैसला किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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