आंध्र प्रदेश में कांग्रेस सांसद फिर गिरफ्तार, अनशन शुरू किया (लीड-3)

राजगोपाल की दूसरी बार हुई गिरफ्तारी के कारण फलकनुमा पुलिस थाने में सोमवार की रात तनाव पैदा हो गया, क्योंकि राजगोपाल ने हिरासत में ही अनशन शुरू कर दिया। दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता थाने के बाहर जमा हो गए और वे राजगोपाल वापस जाओ के नारे लगाने लगे।

राजगोपाल को दूसरी बार शहर के मध्य स्थित लाल बहादुर स्टेडियम में उस समय गिरफ्तार कर लिया गया, जब उन्होंने अनशन पर बैठने की कोशिश की।

इसके पहले उन्हें शहर के बाहरी इलाके शम्साबाद में स्थित राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोमवार को सुबह गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया था। उसके बाद वह राज्य विधानसभा से लाल बहादुर स्टेडियम गए, जहां उन्होंने आंध्र और रायलसीमा क्षेत्र के पार्टी विधायकों की एक बैठक में हिस्सा लिया।

छह विधायकों और कुछ समर्थकों के साथ राजगोपाल हाथ में तिरंगा झंडा लिए स्टेडियम में बैठ गए और उन्होंने कहा कि राज्य के प्रस्तावित बंटवारे पर वह सार्वजनिक बहस के लिए तैयार हैं। पुलिस ने विधायकों को भी गिरफ्तार कर लिया, लेकिन बाद में उन्हें रिहा कर दिया।

राजगोपाल को गिरफ्तार कर फलकनुमा पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उन्होंने हिरासत में ही अनशन शुरू कर दिया।

पुलिस महानिरीक्षक ए.आर.अनुराधा ने संवाददाताओं को बताया कि राजगोपाल को इसलिए हिरासत में लिया गया, क्योंकि उन्होंने विधानसभा की ओर मार्च करने की कोशिश की।

ज्ञात हो कि राजगोपाल एक बड़े उद्योगपति हैं और उनके लेंको समूह का हैदराबाद से काफी व्यापारिक हित जुड़ा हुआ है। इस कारण वह राजधानी हैदराबाद को पृथक तेलंगाना राज्य को देने के फैसले के विरोध में हैं।

राजगोपाल ने पूर्व में घोषणा की थी कि वह राज्य विधानसभा के सामने अनशन पर बैठेंगे, जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस), छात्र संगठनों और तेलंगाना इलाके के कांग्रेस नेताओं ने राजगोपाल के अनशन को रोकने की चेतावनी दे रखी थी।

पहली बार गिरफ्तारी के बाद राजगोपाल ने पुलिस थाने में संवाददाताओं से कहा था, "मुझे नहीं पता कि पुलिस ने मुझे क्यों रोका। मैं तो मुख्यमंत्री और विधायकों से मिलने जा रहा था।"

पुलिस ने कहा कि अनशन की कोई अनुमति नहीं दी गई है। राजगोपाल और उनके समर्थकों की गिरफ्तारी के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों सहित भारी मात्रा में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था।

टीआरएस ने राजगोपाल पर शहर में उपद्रव फैलाने के लिए विजयवाड़ा से भाड़े पर असामाजिक तत्वों को हैदराबाद लाने का आरोप लगाया था। इसके बाद शहर में तनाव बढ़ गया। पुलिस ने रविवार रात को ही शहर के कई होटलों पर छापा मारकर सांसद के कई समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया था।

पुलिस विजयवाड़ा से आने वाले सभी वाहनों की तलाशी ले रही है। रविवार रात राजगोपाल के करीब एक दर्जन समर्थकों को रोका गया और उन्हें वापस भेज दिया गया।

राजगोपाल ने बाद में मुख्यमंत्री के.रोसैया से उनके कैंप कार्यालय में मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने उन्हें सलाह दी कि उन्हें अनशन पर बैठ कर मुद्दे को पेचीदा नहीं बनाना चाहिए।

रोसैया से मुलाकात के बाद राजगोपाल ने कहा कि वह आंध्र प्रदेश को विभाजित नहीं होने देंगे, क्योंकि इससे राज्य कमजोर हो जाएगा और केंद्र में मोल-तोल की इसकी क्षमता प्रभावित होगी।

उन्होंने कहा कि वह भावी रणनीति तय करने के लिए आंध्र और रायलसीमा क्षेत्रों के विधायकों की एक बैठक में हिस्सा लेंगे।

एकीकृत आंध्र प्रदेश समर्थक आंदोलन के मद्देनजर विजयवाड़ा और अन्य स्थानों पर पुलिस को सतर्क कर दिया गया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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