जलवायु परिवर्तन पर अहम बैठक शुरू
डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगेन में जलवायु परिवर्तन पर महत्वरपूर्ण सम्मेलन शुरू हो गया है. संयुक्त राष्ट्र का यह विशेष सम्मेलन डेनमार्क के बच्चों की एक पर्यावरण फ़िल्म के साथ शुरू हुआ.
इसमें 192 देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं. बीबीसी के पर्यावरण मामलों के संवाददाता का कहना है कि कार्बन उत्सर्जन पर अमरीका, चीन और भारत की घोषणा से समझौते की उम्मीद बनी है.
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कुछ विश्लेषक तो इसे दुनिया में अब तक की सबसे अहम बैठक बता रहे हैं.
अगले दो हफ़्तों तक कोपेनहेगेन पर दुनिया की निगाहें टिकी रहेंगी. इस दौरान सौ से ज़्यादा देशों के राष्ट्राध्यक्ष और लगभग 15 हज़ार प्रतिनिधि जलवायु परिवर्तन की चुनौती पर गहन विचार-विमर्श करेंगे.
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अमरीका के राष्ट्रपति बराक ओबामा और फ़्रांस के राष्ट्रपति निकोला सार्कोज़ी भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
शिखर बैठक की पूर्व संध्या पर संयुक्त राष्ट्र के मुख्य वार्ताकार वो डे बोए ने कहा कि बातचीत से पहले जो भूमिका तैयार की गई है, उसे देखते हुए काफ़ी उम्मीद है.
उन्होंने बीबीसी से कहा कि अब बहुत सारे देश स्वेच्छा से कार्बन उत्सर्जन में कटौती का लक्ष्य तय कर रहे हैं.
उनका कहना था, "पिछले 17 वर्षों में जलवायु परिवर्तन पर इतने सारे देश कभी एक साथ नहीं आए और न ही उत्सर्जन कटौती का लक्ष्य निर्धारित किया."
उन्होंने कहा कि ग़रीब देशों को ग्रीन टेक्नोलॉजी देने के प्रस्ताव भी दिए जा रहे हैं और इन सबसे उम्मीद बंधी है कि वर्ष 2050 तक कार्बन उत्सर्जन में कटौती के लिए कोई लक्ष्य निर्धारण हो जाएगा.
पहली बार अमरीका ने भी उत्सर्जन में कटौती के संकेत दिए हैं. चीन जैसा देश भी कार्बन इंटेनसिटी में 20 से 25 फ़ीसदी कटौती की बात कर रहा है.












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