वजन घटाकर निद्रा-श्वासरोध की बीमारी से मिल सकती है मुक्ति

स्वीडन के कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट के शोधकर्ता कारी जोहानसन ने कहा, "हमारे शोध से पता चलता है कि मोटे लोगों में निंद्रा-श्वासरोध की बीमारी का इलाज वजन घटाकर किया जा सकता है।"

आब्सट्रक्टिव स्लीप एप्निया (ओएसए) एक आम बीमारी है, लेकिन इसके ज्यादा जटिल होने से मरीज की मौत भी जाती है। इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति का नींद में श्वसन प्रवाह एक खास अंतराल पर करीब 10 सेकंड के लिए रुक जाता है। इसकी वजह है नींद के दौरान ऊपरी वायुपथ में अवरोध पैदा होना। अगर किसी व्यक्ति की सांस नींद में एक घंटे में 15 बार से अधिक रुकती है तो इसे गंभीर ओएसए की श्रेणी में गिना जाता है।

ऐसी सूरत में दिल का दौरा पड़ सकता है और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। इस समस्या से ग्रस्त व्यक्ति को नींद में मौत होने का डर सताता रहता है। यह मस्तिष्काघात की वजह भी बन सकती है। उन्होंने 63 मोटे लोगों पर शोध कर यह निष्कर्ष निकाला है। इस अध्ययन के तहत जिन लोगों का वजन कम किया गया उनमें इस बीमारी की तीव्रता में 50 फीसदी से ज्यादा कमी आई।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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