जिद्दी जीवाणुओं को मात देने वाला नया एंटीबॉयोटिक विकसित
लंदन, 7 दिसम्बर (आईएएनएस)। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा एंटीबॉयोटिक (प्रतिजैविक) विकसित किया है जो लाइलाज हो चुके कई जीवाणुओं को मात देगा। एक नए अध्ययन के निष्कर्ष में यह कहा गया है।
बायोटेक्न ोलॉजी एंड बॉयोलॉजिकल साइसेंज रिसर्च के जॉन इनेस सेंटर (जेआईसी) के टोनी मैक्सवेल ने मीडिया को बताया, "ऐसे समय जब कई जीवाणु लाइलाज हो गए हैं, इस एंटीबॉयोटिक का विकास शुभ संकेत है। यह एंटीबॉयोटिक एक बैक्टेरियल इन्जाइम डीएनए गाइरेज की सतह तक आसानी से पहुंच सकता है।
डीएनए गाइरेज तक पहुंंच कर यह जिद्दी जीवाणु की सक्रियता को कुंद कर देता है। किसी भी जीवाणु के जिंदा रहने और उसके विकास के लिए डीएनए गाइरेज जरूरी है। आप कह सकते हैं कि यह एंटीबॉयोटिक किसी भी दवा से अप्रभावित रहने वाले जीवाणुओं को जड़ से खत्म कर सकता है। इससे बीमारी के मूल पर प्रहार करना आसान होगा।"
मैक्सवेल का कहना है कि इस एंटीबॉयोटिक का इस्तेमाल कर कई ऐसी असरदार दवाएं विकसित की जा सकेंगी जो आसानी से जिद्दी जीवाणुओं को खत्म कर सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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