माओवादी हमले में रेलगाड़ी दुर्घटनाग्रस्त

हमले के कारण इस रूट पर आ रही टाटा बिलासपुर पैसेंजर ट्रेन के 10 में से आठ डिब्बे पटरी से उतर गए हैं. इनमें से दो डिब्बों को क्षति पहुँची है. हादसे में कुछ लोगों के घायल होने की भी ख़बरें आ रही हैं. हालांकि घायलों की सही तादाद के बारे में देर रात तक आधिकारिक तौर पर जानकारी नहीं मिल सकी है.
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए रेलवे ने तीन राहत एवं सहायता ट्रेनों को रवाना कर दिया है. इससे पहले पूर्वी सिंहभूम ज़िले के बहरागोड़ा इलाक़े में बारूदी सुरंग के विस्फोट में झारखंड सशस्त्र पुलिस बल के छह जवान घायल हो गए हैं.
हिंसा का दौर
घायलों में घुड़ाबांधा के थाना प्रभारी इंदुभूषण भी शामिल है. झारखंड पुलिस के प्रवक्ता वीएस देशमुख का कहना है कि धमाका माओवादियों ने किया है. ये धमाका ऐसे समय हुआ है जब गुरुवार मध्यरात्रि से माओवादियों ने झारखंड बंद का आह्वान किया है.
माओवादियों का आरोप है कि उनके संगठन के नेता अशोक महतो लापता हैं और उन्हें शक है कि पुलिस उन्हें पकड़कर ले गई है. माओवादियों ने धमकी दी है कि अगर 24 घंटे के अंदर अशोक महतो को अदालत में पेश नहीं किया गया तो 29 और 30 नवंबर को 48 घंटे का बंद आयोजित किया जाएगा. माओवादियों का कहना है कि अगर इसके बाद भी सरकार नहीं चेती, तो 10 से 16 दिसंबर तक एक सप्ताह का बंद रखा जाएगा.
झारखंड में बंद का आह्वान ठीक विधानसभा चुनाव के समय हो रहा है. झारखंड के चौबीसों ज़िले नक्सलवाद से प्रभावित हैं और इन इलाक़ों में बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. माओवादियों के बंद के आह्वान से राज्य में चुनावी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. बंद के संबंध में माओवादियों की ओर से तीन बयान जारी किए गए हैं.
पहला बयान माओवादियों के सेंट्रल मिलिटरी कमीशन की ओर से सोनू ने दिया है, जबकि झारखंड-बिहार स्पेशल एरिया कमेटी की ओर से गोपाल जी ने अपनी बात रखी है. साथ ही झारखंड क्षेत्रीय समिति के सचिव भैरव ने भी बंद के लिए बयान दिया है और चेतावनी दी है कि बंद अनिश्चितकालीन भी हो सकता है.












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