कोड़ा पर शिकंजा कसा, सहयोगी गिरफ्तार

Madhu Koda
रांची/नई दिल्ली। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा पर कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोड़ा द्वारा कथित रूप से किए गए 2,500 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में शुक्रवार को पहली गिरफ्तारी की। बाद में कोड़ा के इस सहयोगी विकास सिन्हा को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

प्रवर्तन निदेशालय के उपनिदेशक प्रभात कांत ने यहां संवाददाताओं को बताया, "हमने विकास सिन्हा को गिरफ्तार किया है। उससे हवाला के जरिए किए गए लेन-देन के मामले में पूछताछ की गई है।" विकास सिन्हा, विनोद सिन्हा का भाई है। आयकर (आईटी) विभाग के अधिकारियों के अनुसार विनोद सिन्हा इस घोटाले का मुख्य सूत्रधार है और कोड़ा का अच्छा मित्र है।

कोड़ा अभी भी अस्पताल में

ईडी सूत्रों ने बताया कि कोड़ा समय बर्बाद करना चाहते हैं। औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिए जाने के बाद उनका नारको परीक्षण कराया जाएगा। कोड़ा अभी भी रांची स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती हैं।

आयकर विभाग ने जमशेदपुर स्थित सिन्हा के आवास पर छापा मारा। आयकर अधिकारी शुक्रवार को उसे लेकर रांची आए और वहां ईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ईडी विकास सिन्हा का नारको परीक्षण कराने के लिए शनिवार को उसकी हिरासत के लिए अदालत से अनुमति मांगेगा।

विकास सिन्हा ने संवाददाताओं को बताया, "ईडी और आईटी अधिकारियों को मेरे खिलाफ कुछ भी नहीं मिला है। वे कथित अवैध लेन-देन और सौदों को स्वीकार करने के लिए मेरे ऊपर दबाव बना रहे हैं।"

ईडी ने कोड़ा की कैबिनेट के तीन पूर्व मंत्रियों को भी नोटिस जारी किया है और 10 से 12 नवंबर के बीच उनसे पूछताछ के लिए उन्हें नई दिल्ली तलब किया है। इन पूर्व मंत्रियों में कमलेश सिंह, भानु प्रताप शाही और बंधु टिर्की शामिल हैं।

कोड़ा का निजी सचिव भी गिरफ्त में

कोड़ा का निजी सचिव हरेंद्र सिंह भी आईटी विभाग के कब्जे में है। बताया गया है कि उसने समर्पण कर दिया है और उसे कड़ी सुरक्षा के बीच रांची स्थित आईटी कार्यालय लाया जा रहा है।

एक प्रमुख जांचकर्ता ने कहा कि इस मामले में और भी कई राजनीतिक हस्तियों और अधिकारियों को जांच के दायरे में लिया जा सकता है। शुक्रवार को आईटी कार्यालय में भीम सिंह और अनिल बस्तावड़े पेश हुए।

आईटी विभाग ने विनोद कुमार, संजय कुमार चौधरी, देवेंद्र मुखिया, बसंत भट्टाचार्य, मनोज पुनमिया और बस्तावड़े को शुक्रवार को 11 बजे तक उपस्थित होने के लिए कहा था। लेकिन इनमें से मात्र बस्तावड़े आईटी अधिकारियों के सामने पेश हुए।

कोड़ा को गुरुवार को आईसीयू से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया था। मामले से संबंधित एक ताजा घटनाक्रम में भाजपा नेता मनोहर र्पीकर ने कहा है कि कोड़ा का गोवा में खनन के क्षेत्र में 400 करोड़ रुपये का निवेश हो सकता है।

गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता र्पीकर ने कहा है कि कोड़ा अपने कथित खनन हितों को आगे बढ़ाने के लिए महीने में कम से कम एक बार गोवा का दौरा करते रहे हैं। र्पीकर ने कहा, "मैं यह कह रहा हूं कि कोड़ा की जड़ें गोवा से जुड़ी हुई हैं। प्रवर्तन निदेशालय की जांच के बाद बहुत सारी बातें सामने आ जाएंगी।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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