दिल्ली: बस किराया बढ़ा, जनता परेशान

दिल्ली की डीटीसी, ब्लूलाइन और मेट्रो फीडर बसों में बढ़ा हुआ किराया लागू होने से सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों को हो रही है। यही नहीं दैनिक यात्री जो रोजाना दूर-दराज से आते हैं, उन्हें भी भारी भरकम किराया देना काफी भारी पड़ रहा है।
कमाई करने में जुटीं प्राइवेट बसें
डीटीसी और ब्लूलाइन बसों में तीन किलोमीटर के पांच रुपए, तीन से 10 किलोमीटर के 10 रुपए और 10 किलोमीटर से ज्यादा दूरी के 15 रुपए देने होंगे। बढ़ा हुआ किराया डेली पास, मासिक पास के अलावा स्कूलों को दी जाने वाली डीटीसी बसों पर भी लागू कर दिया गया है।
डीटीसी के किरायों में बढ़ोतरी का असर यूपी रोडवेज पर भी पड़ा है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा से दिल्ली आने-जाने का किराया 70 से 80 फीसदी बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा प्राइवेट बसों ने भी इसका फायदा उठाते हुए जमकर कमाई शुरू कर दी है।
हमने जब यात्रियों से बात की तो सभी ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी। सफदरजंग में रहने वाले नितेश सिंह ने कहा कि एक रुपए की वृद्धि होती तो ठीक था, एकदम से तीन से पांच रुपए की वृद्धि से जेब का खासा बोझ बढ़ गया है। वहीं जेएनयू की छात्रा ज्योति शाह का कहना है कि कम से कम स्टूडेंट पास की कीमत नहीं बढ़ानी चाहिए थी। रोहिणी के निवासी सुनील यादव का कहना है कि अगर बसों के किराया बढ़ाया तो सरकार कम से कम निजी बसों पर लगाम कसे।












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