'ईरान परमाणु मसले पर चर्चा करे'

अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन ने कहा है कि अमरीका और अन्य वैश्विक ताक़तों के साथ होने वाली बैठक में ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर सवालों के जवाब देने के लिए तैयार रहना चाहिए.
उन्होंने कहा है कि परमाणु मसले को अनदेखा नहीं किया जा सकता क्योंकि यह एक मुख्य कारण था जिसकी वजह से अमरीका ने इस बैठक में शामिल होना स्वीकार किया.
उल्लेखनीय है कि रविवार को ईरान के राष्ट्रपति अहमदी नेजाद ने कहा था कि इस बैठक में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा नहीं होगी.
इस बैठक का प्रस्ताव ईरान ने ही रखा था लेकिन उसने परमाणु कार्यक्रम का कभी ज़िक्र नहीं किया था.
यह बैठक पहली अक्तूबर को होनी है.
अमरीकी विदेश मंत्री क्लिंटन ने वॉशिंगटन में कहा, "हमने ईरान को यह स्पष्ट कर दिया है कि हम जिस चर्चा में हिस्सा लेंगे उसमें परमाणु मसले पर सीधी चर्चा होगी."
उन्होंने कहा, "ईरान कहता है कि उसके पास ऐसे बहुत से मुद्दे हैं जिस पर वह हमसे चर्चा करना चाहता है लेकिन हम जिस बात को लेकर चिंतित हैं वह है उसका परमाणु कार्यक्रम और उसकी महत्वाकांक्षा."
हिलेरी क्लिंटन ने कहा, "हम इंतज़ार करेंगे कि आमने-सामने ईरान का जवाब क्या होता है."
उनका कहना था कि यह बैठक बराक ओबामा की उस रणनीति को परिलक्षित करता है जिसमें वे चाहते हैं कि ईरान के साथ बातचीत होनी चाहिए.
इस बैठक में अमरीका के अलावा ब्रिटेन, चीन, फ़्रांस, रुस और जर्मनी हिस्सा लेने जा रहे हैं.
ईरान का परमाणु कार्यक्रम इन देशों के लिए चिंता का विषय रहा है.
इन देशों को संदेह है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने की ओर बढ़ रहा है.
लेकिन ईरान इससे साफ़ इनकार करता है और कहता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण कार्यों के लिए है.












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