उड़ान के काबिल नहीं था हेलिकॉप्टर?

उड्डयन महानिदेशालय के सूत्रों का कहना है कि हेलीकाप्टर के उड़ान भरने का प्रमाणपत्र पिछले दो सालों से नवीनीकृत नहीं किया गया था। सूत्रों ने कहा कि इटली से खरीदे गए एक नए हेलीकॉप्टर को पिछले वर्ष नवंबर महीने में मुख्यमंत्री की सेवा में शामिल कर दिया गया था। इसके ठीक बाद बेल-430 को आंध्र प्रदेश एविएशन कॉर्प को व्यावसायिक अभियानों के लिए सौंप दिया गया था।
वैध प्रमाण पत्र था
वहीं आंध्र प्रदेश सरकार ने बुधवार को साफ किया कि मुख्यमंत्री वाई.एस.राजशेखर रेड्डी को लेकर लापता हुआ हेलीकॉप्टर उड़ान के काबिल था और उसके पास उड़ान भरने का वैध प्रमाण पत्र था।
प्रदेश के मुख्य सचिव पी.रमाकांत रेड्डी ने संवाददाताओं को बताया कि हेलीकॉप्टर को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) की ओर से छह दिसंबर 2008 को उड़ान भरने का एक प्रमाण पत्र जारी किया गया था जो पांच दिसंबर 2010 तक वैध था।
रेड्डी ने कहा कि हेलीकॉप्टर को दो अनुभवी पायलट, ग्रुप कैप्टन एस.के.भाटिया और कैप्टन एम.एस.रेड्डी उड़ा रहे थे। हेलीकॉप्टर पर सवार अन्य लोगों में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव बी.सुब्रमण्यम और मुख्य सुरक्षा अधिकारी ए.एस.सी.वेस्ली शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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