रात में काम बीमारियों को बुलावा

रात में काम बीमारियों को बुलावा

मनुष्य क्योंकि निशाचर नहीं है इसलिए रात को जागने के नकारात्मक असर तो होंगे ही. हमारा शरीर एक भीतरी शारीरिक घड़ी से नियन्त्रित होता है जो हमारे मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस हिस्से में होती है. यह स्वाभाविक रूप से एक लय पैदा करती है जिसे सरकेडियन रिद्म कहते हैं और जो हमारी बहुत सी शारीरिक प्रक्रियाओं का नियमन करती है जैसे शारीरिक तापमान, हारमोन स्राव, सतर्कता और नींद. ये लय 24 घंटे के चक्र में बटी हुई होती है और दिन और रात के प्राकृतिक चक्रों से प्रभावित होती है. रात के समय बहुत सी शारीरिक प्रक्रियाएं धीमी पड़ जाती हैं और नींद के हारमोन का स्राव होने लगता है. लेकिन जब हम रात्रि में काम करते हैं तो हमें शरीर की इस लय के विरुद्ध लड़ना पड़ता है और हमारी शारीरिक घड़ी गड़बड़ा जाती है. इसका सबसे पहला असर तो हमारी पाचन क्रिया पर पड़ता है इसलिए पेट की बीमारियां यहां तक कि अल्सर होने का ख़तरा रहता है. इसके अलावा दिल की बीमारियां, कैंसर, मोटापा, मधुमेह आदि भी अधिक होते हैं. नींद पूरी न होने की वजह से थकान रहती है, चिड़चिड़ापन होता है जिसका आपसी रिश्तों पर असर पड़ने लगता है. लोग अवसाद का शिकार होने लगते हैं. इस स्थिति से बचने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें. जैसे रात की शिफ़्ट पर आने से पहले दोपहर में ज़रूर सोएँ. काम की जगह पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए. सामान्य रूप से भोजन करें और पानी ख़ूब पिएं. कैफ़ीन युक्त पेय पदार्थों जैसे चाय, कॉफ़ी, चॉकलेट, कोका कोला आदि का प्रयोग न करें. शराब और सिगरेट का प्रयोग भी न करें. जब घर जाएं तो सोने के कमरे में रात का सा वातावरण बनाएं. मोटे पर्दे डालें, हल्का सा संगीत चलने दें, टेलिफ़ोन बंद कर दें और नींद की गोलियां न लें. दिन की नींद रात की नींद जैसी नहीं होती इसलिए नींद पूरी करना ज़रूरी होता है.

ब्लॉग क्या होता है और इसमें कैसे लिखते हैं. यह सवाल किया है इलाहबाद उत्तर प्रदेश से आशुतोष तिवारी, गांव पंचपेड़ा मेरठ उत्तर प्रदेश से सौरभ सारांश, गुड़गांव हरियाणा से राघव और बारसेलोना स्पेन गुरप्रीत ने.

ब्लॉग दरसल वैब लॉग का संक्षिप्त रूप है. यह एक तरह की वैबसाइट होती है जिसे कोई व्यक्ति चलाता है और उसमें नियमित रूप से विवरण, टिप्पणियां, चित्र या ग्राफ़िक जोड़े जाते हैं. इसकी विशेषता ये है कि इसमें विचारों का ही आदान प्रदान नहीं होता बल्कि फ़ोटो, विडियो और ऑडियो भी जोड़े जा सकते हैं. ब्लॉग कई तरह के होते हैं. व्यक्तिगत ब्लॉग जिन्हे आप ब्लॉगस्पॉट डॉट कॉम जैसी वैबसाइट पर जाकर ख़ुद बना सकते हैं. इसमें आपको सिलसिलेवार ढंग से निर्देश मिलता है जिससे आप अपनी वैबसाइट का नाम तय करते हैं और पाठकों की टिप्पणियों के लिए जगह बनाते हैं. विभिन्न कम्पनियां भी अपने ब्लॉग तैयार करती हैं जिनका उद्देश्य कम्पनी के भीतर सम्पर्क बढ़ाना या फिर अपनी सार्वजनिक छवि सुधारना होता है. क्वैश्चन ब्लॉग भी होते हैं जो सवालों के जवाब देते हैं.

ब्रिक और रिक देशों का क्या अर्थ है. यह सवाल लिख भेजा है ग्राम बंगला मटिया, दुर्ग छत्तीसगढ़ से शिवकुमार अंगारे ने.

ब्रिक को अंग्रेज़ी में लिखें तो इसके हिज्जे होंगे बी आर आई सी. बी से बनता है ब्राज़ील, आर से रूस, आई से इंडिया और सी से चीन. जहां तक रिक का सवाल है उसमें ब्राज़ील नहीं है लेकिन रूस, इंडिया और चीन हैं. ब्रिक शब्द, निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स ने सन 2001 में बनाया था. बैंक का कहना था कि ब्रिक देशों की अर्थव्यवस्थाएं बड़ी तेज़ी से बढ़ रही हैं और सन 2050 तक ये मौजूदा धनी देशों को पीछे छोड़ देंगी. ब्रिक देश आर्थिक गुट तो बना ही सकते हैं राजनीतिक गुट भी बना सकते हैं क्योंकि इन देशों के पास दुनिया की 25 प्रतिशत भूमि है और 40 प्रतिशत आबादी. इसी इरादे से इस साल रूस के येकातरिन्बर्ग शहर में ब्रिक देशों के विदेश मन्त्रियों की एक बैठक भी हुई.

ग्राम काण्डई, पौड़ी गढ़वाल उत्तरांचल से मनोज कुमार लिखते हैं कि यह तो जग ज़ाहिर है कि शाहजहां ने मुमताज़ महल के लिए ताजमहल बनवाया लेकिन दिल्ली का लाल क़िला किसकी याद में बनवाया.

शाहजहां ने दिल्ली के लाल क़िले का निर्माण किसी की याद में नहीं बल्कि अपनी नई राजधानी शाहजहांबाद के लिए किया था. राजधानी को आगरा से दिल्ली लाने की योजना के पीछे कारण ये था कि वो अपने शासन को एक रुतबा देना चाहते थे. लाल क़िले का निर्माण कार्य 1638 में शुरु हुआ और 1648 में पूरा हो गया.

कुवैत से पूरन ने बीबीसी हिन्दी डॉट कॉम के ज़रिए पूछा है कि ओलम्पिक खेलों का जो चिन्ह है जिसमें पांच घेरे बने हैं उनका क्या मतलब है.

ओलम्पिक खेलों का प्रतीक नीले, पीले, काले, हरे और लाल रंग के ये पांच घेरे एक दूसरे में गुंथे हुए हैं. इसे आधुनिक ओलम्पिक के संस्थापक बैरन पिएग़ डि कूबग़तिन ने 1913 में बनाया था. ये पांच घेरे उत्साह, आस्था, विजय, काम की नैतिकता और खेल भावना के प्रतीक हैं और साथ ही पांच महाद्वीपों के जहां के खिलाड़ी ओलम्पिक खेलों में भाग लेने आते हैं.

मैरी मैग्डेलिन कौन थी. यह जानना चाहते हैं लखनऊ से गौरव.

मैरी मैग्डेलिन को ईसा मसीह का अनन्य भक्त और शिष्य माना जाता है. उन्हे रोमन कैथलिक, ईस्टर्न ऑरथोडॉक्स, ऐंग्लिकन और लूथेरियन चर्च सन्त मानते हैं और 22 जुलाई को उनके सम्मान में भोज दिवस मनाया जाता है. ये कहा जाता है कि मैरी, मैग्डला शहर की रहने वाली थीं जो गलीली के सागर के पश्चिमी तट पर बसा था. कहते हैं कि वो मैरी मैग्डेलिन ही थीं जिन्होने सबसे पहले ईसा को पुनर्जीवित हुआ देखा था और ईसा ने उन्हे अपने मुख्य शिष्य के लिए संदेश दिया कि वो फिर जीवित हो उठे हैं. ईस्टर्न ऑरथोडॉक्स चर्च का मानना है कि मैरी मैग्डेलिन ईसा की मां मैरी के साथ ऐफ़ैसिस चली गई थीं जहां उनका देहान्त हुआ. उनके अवशेष 886 में कॉन्स्टैन्टिनोपल ले जाए गए और वहीं सुरक्षित रखे हैं. कुछ आधुनिक लेखक यह मानते हैं कि मैरी मैग्डेलिन ईसा मसीह की पत्नी थीं. गॉस्पल ऑफ़ फ़िलिप में मैरी को ईसा के शिष्यों में सबसे अधिक नज़दीक बताया गया है. लेकिन किसी भी प्राचीन दस्तावेज़ में ऐसा कोई उल्लेख नहीं मिलता कि वो ईसा की पत्नी या प्रेयसी थीं.

दिल्ली से जुगेश कुमार ने पूछा है कि कोलैस्ट्रॉल क्या होता है और इसके क्या नुकसान हैं.

कोलैस्ट्रॉल एक तरह की चर्बी होती है. हम जब चिकनाई युक्त भोजन करते हैं तो हमारा जिगर उससे कोलैस्ट्रॉल तैयार करता है. यह हमारे शरीर के सही ढंग से काम करने में महत्वपूर्ण योगदान देता है. यह हमारे शरीर की हरेक कोशिका की बाहरी परत में मौजूद होता है. कोलैस्ट्रॉल तीन प्रकार का होता है. ऐलडीऐल, ऐचडीऐल और ट्राइग्लिसराइड. ऐलडीऐल को ख़राब कोलैस्ट्रॉल भी कहते हैं जो हमारी रक्तवाहिकाओं में जम जाते हैं जिससे रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है. ऐचडीऐल अच्छा कोलैस्ट्रॉल माना जाता है. जबकि ट्राइग्लिसराइड आमतौर पर चिकनाई युक्त भोजन खाने से पैदा होता है. कोलैस्ट्रॉल के बढ़ जाने से हृदय रोग, लकवा, तनाव, मधुमेह, गुर्दे और जिगर की बीमारियां आदि होने का ख़तरा रहता है. यूं तो इसे नियन्त्रित करने के लिए स्टैटिन जैसी दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन सबसे अच्छा ये है कि चिकनाई युक्त भोजन न करें और नियम से व्यायाम करें. इससे सारी चर्बी जल जाती है.

होमरूल लीग क्या था. मालपुरा, टोंक राजस्थान से महावीर प्रसाद खारोल.

होमरूल लीग एक राजनीतिक दल था जिसने 1873 और 1882 के बीच आयरलैंड के लिए स्वशासन की मांग की. इसे होमरूल पार्टी के नाम से भी जाना जाता है. इसकी शुरुआत डबलिन के एक वकील आइज़ैक बट के नेतृत्व में एक दबाव समूह के रूप में हुई थी और 1873 में यह एक पार्टी बनी.

भारतीय झंडे की लम्बाई चौड़ाई का क्या अनुपात है. यह सवाल किया है बिजनौर उत्तर प्रदेश से राजीव सिंह ने.

भारतीय झंडे की लम्बाई और चौड़ाई के बीच 3 और 2 का अनुपात है. यानि अगर लम्बाई तीन फ़ुट है तो चौड़ाई 2 फ़ुट होगी.

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