प्रधानमंत्री का समग्र विकास और धर्मनिरपेक्ष भारत की सुरक्षा का वादा (राउंडअप)
मई में लोकसभा चुनाव में विजय हासिल होने के बाद पहली बार महत्वपूर्ण नीतियों पर अपने संबोधन में मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से कहा कि यदि वह भारत से मित्रता चाहता है तो आतंकवादी ढांचा समाप्त करे। प्रधानमंत्री ने आस्ट्रेलिया में भारतीय छात्रों पर जारी हमलों को नस्लीय करार दिया।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में हुई चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को स्थिरता, निरंतरता के साथ बदलाव, समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता, न्यायोचित विकास और धर्मनिरपेक्ष तथा बहुलवादी भारत के संरक्षण और सुरक्षा की प्रतिबद्धता के लिए जनादेश मिला है।
अपने 45 मिनट के संबोधन में मनमोहन सिंह ने गरीबों की स्थिति सुधारने, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और बेहतर पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के लिए अपनी सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और नीतियों को और मजबूत करने का वादा किया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समय देश की व्यापक गरीबी से लड़ने की आवश्कता है जिससे गरीब गरिमा और आत्मसम्मान के साथ जी सकें।
उन्होंने चिंता जताई कि जनजातीय इलाकों में सामाजिक और आर्थिक असंतोष के कारण नक्सलवादियों की संख्या में वृद्धि जारी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद भारत इस वित्तीय वर्ष में कम से कम 7 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हासिल करेगा। उन्होंने आधारभूूत ढांचा और सार्वजनिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों के लिए अधिक संसाधनों का भी वादा किया।
प्रधानमंत्री ने कहा,"मैं आपसे वादा नहीं करता कि हम अंतर्राष्ट्रीय स्थितियों से प्रभावित नहीं होंगे, लेकिन हम 8-9 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करने में सक्षम होंगे। उस समय भी, जब दुनिया की विकास दर कम होगी।"
उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत 7 प्रतिशत की आर्थिक विकास दर हासिल करने में सक्षम होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके आशावाद के पीछे भारत की बचत दर का अभी भी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 35 प्रतिशत बने रहना है। इस धन को विकास परियोजनाओं के लिए लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी इस मुद्दे को आगामी बजट में देखेंगे।
मनमोहन सिंह ने पहले घोषित राहत पैकेजों और आने वाले दिनों में अपनाए जाने वाले उपायों से महंगाई बढ़ने की आशंकाओं को समाप्त करने का प्रयास करते हुए कहा कि आधारभूत संरचना पर खर्च से महंगाई नहीं बढ़ेगी, इससे हमारी अर्थव्यवस्था विकास करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार, राष्ट्रपति के अभिभाषण में पेश किए गए एजेंडे पर चलने और प्रमुख कार्यक्रमों को भविष्य में और अधिक मजबूत बनाने तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव कांग्रेस की गिरिजा व्यास ने रखा और पी.सी.चाको ने उसका समर्थन किया। धन्यवाद प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित हो गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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