कानपुर में आईएसआई का जासूस गिरफ्तार
प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक(कानून-व्यवस्था) बृजलाल ने बुधवार को लखनऊ में संवाददाताओं को बताया कि एसटीएफ को सूचना मिली कि कानपुर में नाम बदलकर रह रहा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एक प्रशिक्षित जासूस भारत की एकता और अखंडता को प्रभावित करने वाली अति गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान को भेज रहा है।
बृजलाल के मुताबिक आज दोपहर करीब डेढ़ बजे एसटीएफ ने वकास अहमद उर्फ जाहिद उर्फ इब्राहिम उर्फ राजेश कुमार उर्फ विक्की को कानपुर के बिठूर इलाके के एक साइबर कैफे से गिरफ्तार किया। वकास ने पूछताछ में बताया कि वह पाकिस्तान के लाहौर शहर के रावी रोड, गली नंबर-3, मकान नंबर-3 का रहने वाला है।
बृजलाल ने बताया कि गिरफ्तार पाकिस्तानी एजेंट के पास से भारतीय सेना के गोपनीय दस्तावेज, प्रतिबंधित सैन्य क्षेत्र के नक्शे, भारतीय मतदाता पहचान पत्र और वैस्टर्न यूनियन बैंक की पैसा प्राप्त करने की रसीद जब्त की गई है।
उन्होंने बताया कि वकास ने स्वीकार किया कि वह पिछले कई सालों से भारत की गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान को ई-मेल और चैटिंग के माध्यम से भेज रहा था।
वकास ने खुलासा किया कि 2004 में लौहार में उसकी मुलाकात आईएसआई के एक अफसर फारुक से हुई, जिसने भारत में जासूसी करने के बदले में उसने मुझे और मेरे परिवार को हर माह दस-दस हजार रुपये देने का प्रस्ताव रखा। मेरे तैयार हो जाने पर उसने मुझे भारतीय सेना के नक्शे, हिंदी लिखना और पढ़ना, भारतीय सैन्य इलाके में प्रवेश करना, गोपनीय सूचनाएं एकत्रित करना, इंटरनेट सर्फिंग, सर्विलांस व रैकी आदि के बारे में प्रशिक्षण दिया।
वकास ने बताया कि 16 अप्रैल 2005 को पाकिस्तानी पासपोर्ट व वीजा देकर उसे दिल्ली में भारत-पाकिस्तान का क्रिकेट मैच देखने के लिए भेजा गया। उसके बाद दो वर्ष तक वह मुंबई में रहा। इस दौरान खुफिया अफसरों के निर्देशानुसार भारत के कई शहरों का भ्रमण करके उसने गोपनीय सूचनाएं भेजी। 2008 से वह कानपुर में रह रहा है।
बृजलाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के अफसरों द्वारा वेस्टर्न यूनियन बैंक के माध्यम से वकास को कई बार पैसा भेजा गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार वकास अहमद से पूछताछ की जा रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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