नेताओं का आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी (राउंडअप)
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने नीतीश कुमार के सरकार की तारीफ की और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना की। रेल मंत्री लालू प्रसाद ने जहां नीतीश सरकार की आलोचना की, वहीं नीतीश कुमार ने लालू प्रसाद और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को आड़े हाथों लिया।
बिहार के पूर्णिया में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि आज देश को स्वाभिमान की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब भारत ने परमाणु विस्फोट किया तब अमेरिका ने प्रतिबंध लगाया परंतु बाद में उसे झुकना पड़ा। उन्होंने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को एक बार फिर कमजोर प्रधानमंत्री कहते हुए कहा कि वह कोई भी निर्णय लेने के पूर्व दस जनपथ से इजाजत लेते हैं।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने मुंगेर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नीतीश कुमार की सरकार में नीतीश कुमार की ही नहीं चलती है। उन्होंने कहा कि इस सरकार में भ्रष्टाचार का बोलबाला है तथा सुशासन में गरीबों पर जुल्म ढाया जा रहा है।
उधर, मुंगेर के बरियारपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि आज बिहार में बोली से सरकार चलती है जबकि इस सरकार के पूर्व अपराधियों की सरकार चलती थी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति राज्य के मुख्यमंत्री को गाली दे सकती हैं वह राज्य की जनता के साथ क्या करेगा, यह समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि विकास के नाम पर वोट दिए जाएं।
लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने मुंगेर के नउवागढ़ी में कहा कि केन्द्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की सरकार बनना तय है। उन्होंने कहा कि आज सांप्रदायिक ताकतें सत्ता पाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रही हैं। आज उन्हें राम मंदिर याद आ रहा है। उन्होंने पूछा कि जब वे सत्ता में थे तो राम मंदिर की याद क्यों नहीं आयी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications