आस्ट्रेलिया में आग से मरने वालों की संख्या 128 हुई (लीड-1)
समाचार एजेंसी डीपीए ने मेलबर्न के अधिकारियों के हवाले से बताया कि अब तक 128 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है जबकि कई अन्य के आग में फंसे होने की आशंका है।
देश में लगी यह अब तक की भीषणतम आग है। इससे पहले 1939 और 1983 में लगी आगों में क्रमश: 71 और 75 लोगों की जान गई थी।
इस बीच आशंका व्यक्त की जा रही है कि आग जान बूझ कर लगाई जा रही है। अग्निशमन दल के उपप्रमुख वारिंगटन ने कहा कि यह आग जान बूझ कर लगाई जा रही है और अपराधियों की तलाश शुरू कर दी गई है।
कुछ अग्निशमनकर्मियों ने कहा कि कुछ स्थानों पर उनके द्वारा बुझाई गई आग दोबारा भड़क उठी और उन्हें संदेह है कि ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री केविन रुड ने कहा है कि आग लगाने वाले जनसंहार के दोषी हैं और उन्हें इसी अपराध की सजा मिलनी चाहिए।
आग से अब तक 750 से अधिक घर जलकर राख हो चुके हैं जबकि 2,00,000 हेक्टेयर से अधिक का वनक्षेत्र पूरी तरह जल चुका है। अकेले किंगलेक क्षेत्र के 55 निवासियों की मौत हो चुकी है।
कर्मचारियों की सहायता के लिए सेना बुला ली है। न्यूजीलैंड और ब्रिटेन से भी इस काम में मदद के प्रस्ताव हासिल हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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