'भारत और चीन ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कटौती करें'
नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। अगर दुनिया के शीर्ष औद्योगिक और विकसित देशों की ओर से वित्तीय मदद मुहैया कराई जाती है तो भारत और चीन जैसे विकासशील देशों को निश्चित तौर पर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के लिए पहल करनी चाहिए। यह कहना है तापमान परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के शीर्ष अधिकारी ईवो ड बुए का।
यूएन फ्रेमवर्क कनवेंशन ऑन क्लाइमेट चेंज (यूएनएफसीसी) के प्रमुख बुए के इस बयान से भारत सरकार को असहजता हो सकती है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "चाहे विकासशील देश गैस उत्सर्जन में कटौती की पहल करें या नहीं, पर यह तय है कि यूएनएफसीसीसी के अगले सम्मेलन में यह मसला उठेगा।"
बुए दिल्ली में आयोजित सतत विकास सम्मेलन में भाग लेने के लिए आए हुए हैं। गुरुवार से इसका शुभारंभ हो गया। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की समस्या के जटिल होने के कारण दुनिया में बाढ़, सूखे, अकाल, चक्रवात जैसी आपदा बार-बार घटित हो रही है।
उल्लेखनीय है कि कई विकसित देशों ने यह शर्त रख दी है कि जब तक भारत-चीन जैसे देशों की ओर से गैस उत्सर्जन में कटौती की पहल नहीं की जाती, तब तक वे इसके लिए अपनी ओर से निर्णायक पहल नहीं करेंगे।
बुए ने कहा, "कोपेनहेगन में यूएनएफसीसी के अगले सम्मेलन में इस मसले पर गहन राजनीतिक मंथन जरूर होगा। वहां कई बिंदुओं पर मतभेद जरूर उभरेंगे। विकसित देशों की यह जिम्मेदारी है कि वे विकासशील देशों को गैस उत्सर्जन में कटौती के लिए संसाधन मुहैया कराएं। इसके लिए अत्याधुनिक तकनीकी की उपलब्धता भी जरूरी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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