बाबरी विध्वंस की 'नैतिक जिम्मेदारी' लेकर ही मुख्यमंत्री पद छोड़ा था : कल्याण सिंह
उन्होंने बुधवार को सफाई दी कि बाबरी मस्जिद विध्वंस की उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी बहुत पहले ही ले ली थी और उसी दिन उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
लखनऊ में अपने आवास पर बुधवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कल्याण सिंह ने कहा कि हिंदू और मुसलमान दोनों इस देश के सम्मानित नागरिक हैं और सभी के सम्मान की रक्षा होनी चाहिए।
सिंह ने स्पष्ट किया, " 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में जो घटना हुई थी, मैंने उसकी नैतिक जिम्मेदारी ली थी और उसी दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र दे दिया था।"
ज्ञात हो कि समाजवादी पार्टी (सपा) के सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव का दामन थामने के बाद कल्याण सिंह उनके लिए मददगार कम और मुसीबत ज्यादा बनते जा रहे हैं। सपा को उसका मुसलमान वोट बैंक खिसकने का डर सताने लगा है। इसी के मद्देनजर सपा महासचिव अमर सिंह ने मंगलवार को देवबंद जाकर मौलानाओं से भेंट की थी और कल्याण-मुलायम दोस्ती के बारे में मौलानाओं के समक्ष सफाई पेश की थी।
माना जा रहा है कि मौलानाओं के कहने पर ही सपा ने कल्याण सिंह से बाबरी मस्जिद विध्वंस पर बुधवार को यह सफाई दिलवाई है।
मुलायम से अपनी दोस्ती के बारे में सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई राजनीतिक समझौता नहीं है। दोस्ती के पीछे यही उद्देश्य है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को नेस्तनाबूत करना और केंद्र की सत्ता में आने से उसे रोकना।
कल्याण ने कहा कि जो लोग किन्हीं कारणों से हमारी दोस्ती का विरोध कर रहे हैं वे जाने-अनजाने भाजपा की ही मदद कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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