अफगानिस्तान हमारी सर्वोच्च प्राथामिकता में : बान की-मून (लीड-1)
इस दौरान मून ने अफगानिस्तान में सुरक्षा की मौजूदा स्थिति का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने आगामी आम चुनाव के बारे में भी करजई से चर्चा की।
उन्होंने कहा, "वर्ष 2009 अफगानिस्तान के लिए चुनौतियों भरा रहेगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि अफगानिस्तान संयुक्त राष्ट्र की प्राथमिकताओं में रहेगा।
मून ने कहा कि अफगानिस्तान में शांति बहाल करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय प्रयासों में तेजी लानी होगी तभी अफगानिस्तान का पुनर्निर्माण और विकास संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा, "मैं आपको भरपूर सहयोग देने का वादा करता हूं। अफगानी जनता को समर्थन देने और उन्हें सहयोग देने के लिए ही मैं यहां आया हूं।"
अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा के बीच मून का यह दौरा हुआ है। राजधानी काबुल में वर्ष 2009 के आरंभ से अब तक तीन आत्मघाती हमले हो चुके हैं।
नाटो के नेतृत्व वाली अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सेना के कमांडरों से भी बान के मुलाकात करने की संभावना है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियां अफगानिस्तान में तात्कालिक आवश्यकताओं को पूरा करने, बुनियादी सामाजिक सेवाएं उपलब्ध कराने, अनाज की बढ़ती कीमतों के कारण पैदा खाद्य असुरक्षा से निपटने और खराब सुरक्षा स्थिति में सुधार के लिए 60.39 करोड़ डॉलर की रकम चाहती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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