गोपालस्वामी पर फूटा सरकार का गुस्सा, कहा चावला होंगे सीईसी (लीड-1)
कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने सोमवार को कहा, "गोपालस्वामी ने बेवजह यह विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने अपनी बुढ़ापा खराब कर ली।"
उन्होंने कहा, "दुर्भाग्यपूर्ण है कि यह मुद्दा उस वक्त उठा है जब चुनाव आयोग को मतदाता सूचियों में सुधार और चुनाव की तैयारियों में जुट जाना चाहिए था।"
उन्होंने कहा, "गोपालस्वामी को राजनीतिक बॉस की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए।"
भारद्वाज ने कहा, "वह मेरा मंत्रालय है जो चुनाव विभाग का प्रशासनिक मंत्रालय है।" उन्होंने कहा कि गोपालस्वामी को राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल को पत्र लिखने से पहले कानून मंत्रालय से सलाह लेनी चाहिए थी।
भारद्वाज ने कहा कि गोपालस्वामी ने जो कागजात राष्ट्रपति को भेजा है वह प्रधानमंत्री कार्यालय के माध्यम से कानून मंत्रालय के पास पहुंचा है और मंत्रालय तथ्यों को देखने के बाद अपनी राय देगा।
उधर कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा, "पिछले दिनों के घटनाक्रमों से साफ झलकता है कि इस फैसले के पीछे मुख्य चुनाव आयुक्त और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपना हित देख रही है।" उन्होंने संवैधानिक संकट खड़ा करने के लिए गोपालस्वामी की आलोचना भी की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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