और वक्त आ गया है...

आज वो वक्त आ गया है.
अब्राहम लिंकन की डेढ़ सौ साल पुरानी बाइबल पर हाथ रखकर बराक ओबामा व्हाइट हाउस में प्रवेश करने जा रहे हैं.
और उसकी गवाही के लिए यहां वाशिंगटन में अमरीका के कोने कोने से लोग पहुंचे हुए हैं.
कड़ाके की ठंड है, लेकिन खुले आसमान के नीचे बर्फ़ीली हवाओं का सामना करने के लिए बच्चे बूढ़े सब जमा हैं.
कोई कैलिफ़ोर्निया से आया है तो कोई केंटकी से, कोई शिकागो से यहां पहुंचा है तो कोई अटलांटा से.
ट्रेनों में तिल धरने की जगह नहीं है, बसें खचाखच भरी हुई हैं, वाशिंगटन के नेशनल मॉल पर जहां देखिए लोग ही लोग नज़र आ रहे हैं
पैट्रिसिया विलियम्स अपने भाई, भतीजियों और अपनी बूढ़ी मां के साथ यहां पहुंची हैं और कहती हैं कि ये बच्चे पहली बार हवाई जहाज़ में चढ़े हैं और टैक्सी में चढ़े हैं.
बस अफ़सोस है कि उनके एक पसंदीदा कलाकार के शो का टिकट उन्हें नहीं मिल पाया.
देखने पहुँचे लोग
अपनी बूढ़ी मां को वो खासतौर पर यहां लाई हैं क्योंकि वो कभी कपास के खेतों में काम करती थीं और सोच नहीं सकती थीं कि ये दिन देखेंगी.
इस क्षण के गवाह बनने के लिए लाखों लोग जमा हुए हैं
उनके भाई डेरिल स्टॉलिंग्स कहते हैं कि वो चाहते तो अटलांटा में टेलीविज़न पर ही ये देख सकते थे लेकिन उन्हें लगा ये पैसा खर्च करके वो अपने परिवार के भविष्य में निवेश कर रहे हैं.
दस साल का डेविड अपनी दादी के साथ यहां शिकागो से आया है क्योंकि वो बराक ओबामा को अपना रोल मॉडल मानता है.
चप्पे चप्पे पर सुरक्षाकर्मी नज़र आ रहे हैं, शहर के बाहर से आनेवाली ज़्यादातर सड़कों को बंद कर दिया है, आकाश में हेलिकॉप्टरों से रखवाली चल रही है.
एक अंदाज़ा है कि पूरे वाशिंगटन में मंगलवार को 40 हज़ार सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर हैं.
एफ-16 और पैट्रियट मिसाइल तैयार रखे गए हैं और हवा के रास्ते से आनेवाले हमलावर के लिए और रासायनिक हथियारों के हमलों को रोकने के लिए एक यूनिट तैयार है.
ऐतिहासिक समारोह
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि ये समारोह ऐतिहासिक है और पूरी दुनिया को नज़र आ रहा है...वो किसी किस्म की कोताही नहीं बरत सकते.
इस मौक़े पर संगीत समारोह आयोजित किए जा रहे हैं
और इन सबके बीच सबको इंतज़ार है बराक ओबामा के भाषण का जिसकी तैयारी में बराक ओबामा पिछले कई हफ़्तों से लगे हुए हैं.
अमरीकी इतिहास गवाह रहा है कि ऐसे मौक़ों पर कही गई बातें अमरीका को बदलने का ताक़त रखती हैं.
जॉन एफ़ केने़डी का एक वाक्य कि ये मत पूछो कि तुम्हारा देश तुम्हारे लिए क्या कर सकता है, ये सोचो कि तुम क्या कर सकते हो देश के लिए अभी तक यहां गूंज रहा है.
या फिर इसी नेशनल मॉल पर मार्टिन लूथर किंग का वो भाषण जिसमें उन्होंने काले और गोरे का फ़र्क मिटाने का सपना देखा था.
ओबामा के सलाहकारों ने कुछ अंदाज़ा दिया है कि उनके भाषण का और ओबामा देश के सामने जो मुश्किलें हैं उन्हें मिल बांटकर सुलझाने पर ज़ोर देंगे.
और इसका कुछ अंदाज़ा पिछले दो दिनों के उनके भाषणों में भी मिला है.
शपथ लेने के बाद और ओबामा के भाषण के बाद एक परेड की शुरूआत होगी जो शहर के बीच से गुज़रेगी और आज रात देर तक पार्टियों का दौर जारी रहेगा और इसी गहमागहमी के बीच राष्ट्रपति बुश व्हाइट हाउस छोड़कर टेक्सस के लिए रवाना हो जाएंगे.












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