कल्याण सिंह ने जीवनभर के लिए भाजपा से नाता तोड़ा (लीड-1)
लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन कल्याण सिंह ने भाजपा से नाता तोड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि उन्होंने जीवन में कभी भी अपने आत्मसम्मान और स्वाभिमान से समझ्झौता नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि पिछले काफी समय से भाजपा में उनकी अपमानजनक उपेक्षा होती आ रही है, इसलिए वह भाजपा से जीवनभर के लिए नाता तोड़ते हुए पार्टी के सभी पदों एवं प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र दे रहे हैं। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह को अपना इस्तीफा फैक्स के माध्यम से भेजा।
भाजपा नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कल्याण ने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए राज्य की 80 सीटों के उम्मीदवारों की सूची तैयार कर ली गई, लेकिन उनसे किसी ने एक बार भी सलाह लेना उचित नहीं समझा।
कल्याण ने कहा नेतृत्व द्वारा लगातार की जा रही अवहेलना के बावजूद उन्होंने 80 सीटों में से सिर्फ एक सीट बुलंदशहर पर अशोक प्रधान को टिकट देने पर ऐतराज जताया था, लेकिन भाजपा नेतृत्व के लिए अशोक प्रधान ज्यादा महत्वपूर्ण हैं, जिन्होंने विधानसभा चुनाव में डिबाई सीट से भाजपा उम्मीदवार राजवीर सिंह को हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
आगामी लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा द्वारा अपने को एटा निर्वाचन क्षेत्र से प्रत्याशी घोषित किए जाने के लिए कल्याण सिंह ने नेतृत्व को धन्यवाद देते हुए कहा कि वह भाजपा के इस टिकट को लौटा रहे हैं।
गत दिनों समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से मुलाकात होने की खबरों के बाद अपने सपा में शामिल होने की अटकलों को विराम देते हुए कल्याण सिंह ने साफ किया वह न तो किसी पार्टी में शामिल होंगे और न ही कोई नई पार्टी बनाएंगे। हालांकि उन्होंने सक्रिय राजनीति से सन्यास न लेने की बात भी कही।
ज्ञात हो कि कल्याण सिंह ने इससे पूर्व भाजपा से बगावत करके राष्ट्रीय क्रांति पार्टी बनाई थी, लेकिन कुछ समय बाद वह फिर भाजपा में लौट आए थे। कल्याण सिंह ने भाजपा में वापस लौटने के फैसले को भारी भूल बताया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications