गणेश की मूतिर्या संग्रह करने का जुनून सवार है इस सिख पर
मुंबई, 15 जनवरी(आईएएनएस)। वे एक ऐसे उत्तर भारतीय सिख हैं जिन्हें निश्चित तौर पर हर महाराष्ट्रवासी पसंद करेगा। जोगिंदर सिंह कहान की गणेश में इतनी आस्था है कि उन पर गणेश प्रतिमाएं, गणेश से जुड़ी कलाकृतियां और प्राचीन धार्मिक पुस्तकें संग्रह करने का जुनून सवार है।
57 वर्षीय कहान के पास ऐसी 10 हजार से अधिक कलाकृतियों और पुस्तकों का संग्रह है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "पिछले बीस वर्षो से मैं ऐसी कलाकृतियों, मूर्तियों और पुस्तकों के संग्रह के मिशन में जुटा हूं। मेरे पास ऐसी सामग्रियों का दुनिया का सबसे बड़ा निजी संग्रह है।"
वे नवी मुंबई में रहते हैं। उन्होंने अपने इस संग्रह से लोगों को रू-ब-रू कराने का फैसला किया है। शनिवार से इस संग्रह को हाल ही में उनके द्वारा पुणे में स्थापित इंटरनेशनल गणपतिधाम एंड रिसर्च सेंटर(आईजीआरसी) में प्रदर्शित किया जाएगा। इसका उद्घाटन शिव सेना के वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी करेंगे। इस सेंटर में गणेश प्रतिमाओं, तस्वीरों और पुस्तकों की ब्रिकी के लिए एक खास काउंटर भी होगा।
इससे होने वाली आमदनी पुणे के गार्जियन गॉड चैरिटेबल ट्रस्ट की झोली में जाएगी। कहान कहते हैं, "यूं तो मैंने इस संग्रह पर मोटी रकम खर्च की है, लेकिन मैं इसे व्यवसाय बनाना नहीं चाहता।"
कहान ने उत्तर प्रदेश पुलिस की नौकरी छोड़कर अपना व्यवसाय शुरू करने का फैसला किया। वे सुरक्षा परामर्शदाता हैं। वे खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उनकी पत्नी हरचरण कौर और पुत्र परमजीत ने इस मिशन में उन्हें नैतिक समर्थन दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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